Kanya Pujan 2025 Wishes: कन्या पूजन पर ये HD Images, Quotes और WhatsApp Stickers भेजकर दें शुभकामनाएं
नवरात्रि के आठवें दिन को अष्टमी (Ashtami) और नौवें दिन को नवमी (Navami) कहा जाता है. नवरात्रि के आठ दिनों के उपवास के बाद अष्टमी और नवमी मनाया जाता है. इस दिन, भक्त देवी दुर्गा के सबसे उग्र और शक्तिशाली रूप की पूजा की जाती है...
Kanya Pujan 2025 Wishes: नवरात्रि के आठवें दिन को अष्टमी (Ashtami) और नौवें दिन को नवमी (Navami) कहा जाता है. नवरात्रि के आठ दिनों के उपवास के बाद अष्टमी और नवमी मनाया जाता है. इस दिन, भक्त देवी दुर्गा के सबसे उग्र और शक्तिशाली रूप की पूजा की जाती है. जो लोग नौ दिनों तक उपवास करते हैं अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन करते हैं. कन्या पूजन को कंजक पूजा या कुमारी पूजा भी कहा जाता है. इस दिन 9 बच्चियों को अपने घर में आमंत्रित कियिया जाता है, उनके पैर धोए जाते हैं. उसके बाद उन्खे खीर, पुड़ी काला चना और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है. उसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्याओं को उपहार दिया जाता है. कहा जाता है कि कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की कृपा होती है और घर में सुख शांति और समृद्धि आती है. नवरात्रि का आठवां दिन, जिसे महाष्टमी कहा जाता है, हिंदू परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस दिन, भक्त सुरक्षा, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु विस्तृत पूजा-अर्चना करते हैं. यह भी पढ़ें: Kanya Puja Quotes: कन्या पूजन पर ये कोट्स शेयर कर दें अष्टमी और नवमी पूजा की बधाई
मान्यता के अनुसार, महाष्टमी वह दिन है जब देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि उनकी पूजा करने से शक्ति, साहस, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है, साथ ही वे भक्तों को नकारात्मक प्रभावों और बाधाओं से बचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि उनका आशीर्वाद उन लोगों को आराम, समृद्धि और मार्गदर्शन प्रदान करता है जो उनकी पूजा करते हैं. कन्या पूजन पर ये विशेज भेजकर प्रियजनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.
कन्या पूजनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!
नवरात्र उत्सवानिमित्त करण्यात येणाऱ्या
कन्या पूजनाच्या मन:पूर्वक शुभेच्छा!
कन्या पूजनाच्या सर्वांना हार्दिक शुभेच्छा!
कन्या पूजनाच्या खूप खूप शुभेच्छा!
कन्या पूजनाच्या मन:पूर्वक शुभेच्छा!
मान्यता है कि महा अष्टमी के दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक असुर का वध किया था, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इस दिन देवी के शक्तिशाली रूप की पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति, साहस, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है.