Kali Puja 2025 Wishes: काली पूजा के इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए प्रियजनों को दें बधाई
मां काली की पूजा करने से भय, रोग और दुर्भाग्य दूर होता है. इसके प्रभाव से आत्मबल में बढ़ोत्तरी होती है, शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मां काली को प्रसन्न करने के लिए भक्त तांत्रिक विधियों के साथ दीपावली की रात विशेष पूजा करते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को काली पूजा की बधाई दे सकते हैं.
Kali Puja 2025 Wishes in Hindi: इस साल दीपावली (Deepawali) यानी लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) का पर्व 20 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार इस पर्व को हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. इस रात जहां भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) और माता लक्ष्मी (Mata Lakshmi) की विधिवत पूजा की जाती है तो वहीं इस रात मां पार्वती के उग्र स्वरूप मां महाकाली (Maa Mahakali) की पूजा का भी विधान है, जिसे काली पूजा (Kali Puja) के नाम से जाना जाता है. काली पूजा मां काली को समर्पित एक बेहद लोकप्रिय हिंदू पर्व है, जिसे बहुत ही भव्य तरीके से मनाया जाता है. इस पर्व को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आस-पास के पूर्वी राज्यों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. कार्तिक अमावस्या की रात निशिथ काल में मां काली की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है.
कहा जाता है कि मां काली की पूजा करने से भय, रोग और दुर्भाग्य दूर होता है. इसके प्रभाव से आत्मबल में बढ़ोत्तरी होती है, शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मां काली को प्रसन्न करने के लिए भक्त तांत्रिक विधियों के साथ दीपावली की रात विशेष पूजा करते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को काली पूजा की बधाई दे सकते हैं.

काली पूजा की शुभकामनाएं




गौरतलब है कि काली पूजा में मां काली को विशेष प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं, जिसमें मटन, मछली जैसे मांसाहारी व्यंजन शामिल होते हैं. इसके अलावा मीठे पकवान जैसे पेयश और अन्य बंगाली मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं. भोज को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में इन व्यंजनों को वितरित किया जाता है. काली पूजा सिर्फ एक अनुष्ठान ही नहीं है, बल्कि यह अनादि काल से चली आर रही आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रवाह है, जिसमें भव्यता के साथ-साथ विरासत कै वैभव भी समाहित है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

