Gujarati New Year 2025 Wishes: लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) यानी दीपावली (Deepwali) के अगले दिन गुजराती नव वर्ष (Gujarati New Year) का पर्व मनाया जाता है. इस दिन को गुजरात राज्य में अपार खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है, क्योंकि यह गुजराती लोगों के लिए नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुजराती नव वर्ष की शुरुआत होती है और इस साल यह तिथि 22 अक्टूबर 2025 को पड़ रही है. गुजराती नव वर्ष को बेस्टु वरस, वर्षा प्रतिपदा या बस पड़वा जैसे नामों से भी जाना जाता है. हालांकि ज्यादातर समय, आप इसे ‘बेस्टु वरस’ के रूप में सुनेंगे, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘नया साल’ होता है.
इस पर्व को लेकर प्रचलित मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण ने भगवान इंद्र को दी जाने वाली प्रार्थनाओं और वार्षिक प्रसाद को देखा तो उन्होंने गोकुल के लोगों को आश्वस्त किया कि किसानों और चरवाहों का सच्चा धर्म खेती करना और मवेशियों की रक्षा करना है. श्रीकृष्ण की सलाह के बाद गोकुल के लोग गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा करने लगे, जिससे इंद्र देव क्रोधित हो गए और उन्होंने वर्षा के जरिए पूरे गोकुल में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए.
भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और गोकुलवासियों के साथ-साथ मवेशियों की रक्षा की. श्रीकृष्ण की इस लीला को देखने के बाद इंद्र देव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण से माफी मांग ली. कहा जाता है कि तब से गुजराती लोगों द्वारा गोवर्धन पहाड़ी की पूजा करने और इस दिन को नए साल के रूप में मनाने की परंपरा बन गई.
गोवर्धन पूजा के दिन गुजराती समुदाय के लोग गुजराती नव वर्ष का स्वागत करते हैं और अपनों के साथ मिलकर इसका जश्न मनाते हैं. इस दिन लोग नये चोपड़े के साथ अपने बही-खाते की शुरुआत करते हैं, जिसे चोपड़ा पूजन के तौर पर भी जाना जाता है. इस अवसर पर आप इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए गुजराती न्यू ईयर की बधाई दे सकते हैं.





नया चोपडा दीवाली पूजा के दौरान, देवी लक्ष्मी की उपस्थिति में उनका आशीर्वाद लेने के लिए खोला जाता है. इस अनुष्ठान को चोपड़ा पूजन के नाम से जाना जाता है. इस अनुष्ठान के दौरान खाता पुस्तकों पर शुभ और लाभ लिखा जाता है. इस दिन माता लक्ष्मी और माता सरस्वती के साथ बही-खातों की पूजा की जाती है. नए साल के दिन जल्दी उठकर लोग स्नानादि के बाद मंदिर जाते हैं, फिर दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ मिलकर नए साल का पर्व मनाते हैं. इस दिन लोग मिठाई खिलाकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं और पटाखे जलाकर सेलिब्रेट करते हैं.













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