Ganesh Chaturthi 2025 Greetings: शुभ गणेश चतुर्थी! इन हिंदी WhatsApp Wishes, Facebook Messages, Quotes को भेजकर प्रियजनों को दें बधाई
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें सभी शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले पूजा जाता है. मान्यता है कि गणेश जी बाधाओं को दूर करते हैं और भक्तों को सफलता प्रदान करते हैं. ऐसे में इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक मैसेजेस, कोट्स को भेजकर अपने प्रियजनों को शुभ गणेश चतुर्थी कहकर बधाई दे सकते हैं.
Ganesh Chaturthi 2025 Greetings in Hindi: गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) के जन्मोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है. गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि, समृद्धि व सौभाग्य का देवता माना जाता है. इस पर्व को वैसे तो पूरे भारत में मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में इसकी दिव्यता व भव्यता देखते ही बनती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है. इस साल 27 अगस्त 2025 को यह पर्व मनाया जा रहा है. यह त्योहार 1, 3, 5, 7 या 10 दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें दसवें दिन गणेश विसर्जन होता है. अंतिम दिन गणेश जी की मूर्तियों को जलाशयों (नदी, समुद्र, तालाब) में विसर्जित किया जाता है और इसी के साथ लोग ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का नारा लगाते हैं.
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें सभी शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले पूजा जाता है. मान्यता है कि गणेश जी बाधाओं को दूर करते हैं और भक्तों को सफलता प्रदान करते हैं. ऐसे में इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक मैसेजेस, कोट्स को भेजकर अपने प्रियजनों को शुभ गणेश चतुर्थी कहकर बधाई दे सकते हैं.





गणेश चतुर्थी का यह त्योहार सामुदायिक एकता, उत्साह और भक्ति का प्रतीक है. लोग अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं. 19वीं सदी में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक उत्सव के रूप में प्रचारित किया, ताकि भारतीयों में एकता और स्वतंत्रता संग्राम की भावना जागृत हो.
इस पर्व से जुड़ी एक प्रचलित कथा के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से गणेश जी की रचना की थी और उनसे कहा कि वो स्नान करने जा रही हैं, इसलिए वो बाहर निगरानी करें और किसी को भी भीतर न आने दें. जब भगवान शिव को गणेश जी ने भीतर जाने से रोका तो महादेव क्रोधित हो गए और गणेश जी का मस्तक काट दिया. इसके बाद मां पार्वती ने अपने पुत्र को फिर से जीवित करने का आग्रह किया और तब शिव जी ने गणेश जी को हाथी का सिर लगाकार पुनर्जीवित कर दिया.
इससे जुड़ी एक अन्य कथा के अनुसार, गणेश जी को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय होने का वरदान मिला था, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2025 06:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

