Mahatma Gandhi Jayanti 2024 Quotes: गांधी जयंती पर बापू को करें याद, प्रियजनों संग शेयर करें उनके ये 10 प्रेरणादायी विचार
इतिहासकारों की मानें को अंग्रेजों से देश की आजादी की लड़ाई में गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके अथक प्रयासों के चलते ही देश को अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से आजादी मिली थी. महात्मा गांधी जितने महान स्वतंत्रता सेनानी थी, उनके विचार भी उतने ही महान थे. ऐसे में गांधी जयंती पर आप उनके इन 10 प्रेरणादायी विचारों को अपनों संग शेयर कर सकते हैं.
2oct 2024 Gandhi Jayanti 2024 Quotes in Hindi: सत्य और अहिंसा के दम पर देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (Mahatma Gandhi Jayanti) हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है. उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात (Gujarat) के पोरबंदर में हुआ था, इसलिए उनके जन्मदिन को हर साल गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के तौर पर देशभर में मनाया जाता है. गांधी जी की पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है, उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था. महज 13 साल की उम्र में ही गांधी जी का विवाह कस्तूरबा गांधी से हो गया था. भारत में अपनी डिग्री की पढाई पूरी करने के बाद वे लंदन चले गए जहां उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की.
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोग प्यार से बापू कहकर भी संबोधित करते हैं. इतिहासकारों की मानें को अंग्रेजों से देश की आजादी की लड़ाई में गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके अथक प्रयासों के चलते ही देश को अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से आजादी मिली थी. महात्मा गांधी जितने महान स्वतंत्रता सेनानी थी, उनके विचार भी उतने ही महान थे. ऐसे में गांधी जयंती पर आप उनके इन 10 प्रेरणादायी विचारों को अपनों संग शेयर कर सकते हैं.
Mahatma Gandhi Jayanti Quotes










गौरतलब है कि सन 1916 में दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटने के बाद महात्मा गांधी ने देश के स्वाधीनता संग्राम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलाने के लिए असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई आंदोलन किए, जिसकी वजह से उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा.
उन्होंने 12 मार्च 1930 को गुजरात के अहमदाबाद शहर से दांडी यात्रा की शुरुआत की थी जो 29 दिनों तक चली थी, फिर उन्होंने सन 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की. इस आंदोलन के करीब 5 साल बाद सन 1947 में आखिरकार भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 02, 2024 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

