Eid 2026: सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में आज चांद नजर आने पर 20 मार्च को पढ़ी जाएगी ईद की नमाज, जानें भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

पवित्र महीने रमजान के समापन का प्रतीक 'ईद-उल-फितर' इस साल 20 मार्च 2026 को सऊदी अरब और खाड़ी देशों में मनाई जाएगी. सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि बुधवार शाम को शव्वाल का चांद नहीं देखा गया, जिसके कारण रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होगा.

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Eid 2026:. पवित्र महीने रमजान के समापन का प्रतीक 'ईद-उल-फितर' इस साल 20 मार्च 2026 को सऊदी अरब और खाड़ी देशों में मनाई जाएगी. सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि बुधवार शाम को शव्वाल का चांद नहीं देखा गया, जिसके कारण रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होगा. इसके साथ ही भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित दक्षिण एशियाई देशों में भी आज, 19 मार्च की शाम को चांद देखे जाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं.

खाड़ी देशों में ईद की तारीख तय

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत जैसे देशों में बुधवार (18 मार्च) को चांद देखने की कोशिश की गई थी. हालांकि, कहीं भी चांद नजर नहीं आया. इसके बाद धार्मिक अधिकारियों ने घोषणा की कि शुक्रवार, 20 मार्च 2026 शव्वाल महीने का पहला दिन होगा और इसी दिन ईद की नमाज अदा की जाएगी. खाड़ी देशों में ईद के मद्देनजर पहले ही सार्वजनिक छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है.  यह भी पढ़े:  Eid 2026 Moon Sighting: अबू धाबी में दिन के उजाले में दिखा शव्वाल का चांद, क्या कल मनाई जाएगी ईद? आधिकारिक घोषणा का इंतजार

भारत में कब मनाई जाएगी ईद?

भारत में ईद की तारीख आज शाम (19 मार्च) होने वाले दीदार-ए-चांद (Moon Sighting) पर निर्भर करेगी.

दिल्ली की जामा मस्जिद और मुंबई की हिलाल कमेटियां आज सूर्यास्त के बाद आधिकारिक घोषणा करेंगी.

चांद रात की रौनक और तैयारियां

जैसे ही ईद की तारीख करीब आती है, बाजारों में 'चांद रात' की हलचल बढ़ गई है. दिल्ली के चांदनी चौक, मुंबई के मोहम्मद अली रोड और लखनऊ के अमीनाबाद जैसे इलाकों में देर रात तक खरीदारी चल रही है. लोग नए कपड़े, सेवइयां और इत्र की खरीदारी में जुटे हैं. मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

ईद-उल-फितर को 'मीठी ईद' के नाम से भी जाना जाता है. यह त्यौहार भाईचारे और दान (जकात-अल-फितर) का संदेश देता है. पूरे महीने रोजा रखने के बाद, मुस्लिम समुदाय अल्लाह का शुक्रिया अदा करने के लिए सामूहिक नमाज पढ़ता है और एक-दूसरे के गले मिलकर खुशियां बांटता है.

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