Dev Uthani Ekadashi 2025 Messages: हैप्पी देवउठनी एकादशी! शेयर करें ये शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes और GIF Greetings
देवउठनी एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से उपासना करने से भक्तों को विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का भी वास रहता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज और जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए हैप्पी देवउठनी एकादशी कह सकते हैं.
Dev Uthani Ekadashi 2025 Messages in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली मनाए जाने के कुछ दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) का व्रत किया जाता है. देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी (Prabodhini Ekadashi) और देवोत्थान एकादशी (Devutthana Ekadashi) जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है. इस साल एकादशी तिथि दो दिन पड़ रही है. ऐसे में गृहस्थ लोग 1 नवंबर को और वैष्णव संप्रदाय के लोग 2 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं. हिंदू धर्म की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी के दिन श्रीहरि योगनिद्रा में चले जाते हैं और फिर चार महीने बाद देवउठनी एकादशी को योगनिद्रा से बाहर आते हैं, इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व बताया जाता है. देवउठनी एकादशी के साथ चतुर्मास के समाप्त होते ही फिर से श्रीहरि जगत के संचालन का कार्यभार अपने हाथों में ले लेते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की एक बार फिर से शुरुआत हो जाती है.
देवउठनी एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से उपासना करने से भक्तों को विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का भी वास रहता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज और जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए हैप्पी देवउठनी एकादशी कह सकते हैं.





देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि के जागने और चतुर्मास की समाप्ति के बाद विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है. मान्यता है कि इस एकादशी व्रत को करने से जातक को सभी तरह के पापों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से पूजन करना चाहिए. इसके साथ ही इस दिन विष्णु चालीसा, देवउठनी एकादशी व्रत कथा, श्रीहरि स्तुति और विष्णु मंत्रों का जप विशेष पुण्यदायी माना जाता है. पूजा के उपरांत विष्णु जी की आरती करें और जाने-अनजाने में हुई भूल या कमी के लिए क्षमा याचना करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 01, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

