विश्व के किसी भी देश की तुलना में भारत में सबसे ज्यादा चाय पी जाती है. यह अघोषित राष्ट्रीय पेय के रूप में भी लोकप्रिय है, लेकिन जब से शुगर एवं अन्य बीमारियां बढ़ने लगी हैं, चाय विभिन्न रूपों में आने लगी हैं, इसी क्रम में ब्लैक टी और ग्रीन टी, आइस टी, हर्बल टी इत्यादि चलन में आये. अब पिछले कुछ समय से ब्लू टी की एक नई रेसिपी भी सुर्खियों में है. आहार विशेषज्ञों के अनुसार अपराजिता के फूलों से बनने वाली ब्लू टी के तमाम लाभ हैं. इसे बनाने और इसके लाभ के बारे में जानने से पूर्व आइये जानें ब्लू टी क्या है..
क्या है ब्लू टी?
ब्लू टी भी एक हर्बल टी की श्रेणी में आता है. ब्लू टी क्लीटोरिया टरनेटिया (अपराजिता के फूल) की सूखी पंखुड़ियों से बनाया जाता है, जिसे बटरफ्लाई मटर के नाम से जाना जाता है. ब्लू टी बनाने से पूर्व एक प्याला पानी हल्का सा गर्म करें. इसमें 4 से 5 बटरफ्लाई फ्लावर डालें. इसे पांच से छः मिनट तक उबालें. इसे सुगंधित और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें पुदीना, अदरक, लेमन ग्रास डाल सकते हैं. अच्छी तरह उबलने के बाद यह नीले रंग का हो जाता है, इसलिए इसे ब्लू टी कहते हैं. इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सर्व करें, यह स्वादिष्ट भी है और लाभकारी भी. यह भी पढ़ें : Swine Flu:रांची में स्वाइन फ्लू के 3 संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ विभाग में मचा हडकंप!
ब्लू टी के फायदे
इम्युनिटी को बढ़ाता हैः ब्लू टी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. इसमें युक्त टर्निटिन, एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, जिसकी वजह से इम्यूनिटी मजबूत होती है. इसमें उच्च सूजनरोधी गुण होने के कारण शोधों की रिपोर्ट बताते हैं कि यह शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को भी रोक सकता है.
शुगर के मरीजों के लिएः अपराजिता के फूलों में एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा होती है, इसलिए ब्लड शुगर को नियंत्रित करने अथवा इसके जोखिम को कम करने में ब्लू टी लाभकारी साबित हो सकता है.
ह्रदय को स्वस्थ रखता हैः शोध के रिपोर्ट बताते हैं कि बटरफ्लाई के फूलों का अर्क अपने वासी रिलैक्सेशन गुणों के कारण रक्तचाप को कम करता है, जिससे रक्त वाहिकाएं चौड़ी होती है. इस तरह ब्लू टी पीने से रक्तचाप, और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार होता है.
मोटापा कम करता हैः ब्लू टी में वसा, कार्बोहाइड्रेट और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है. इससे भूख नियंत्रित करने में मदद मिलती है. जंक फूड के लिए क्रेविंग को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसलिए मोटापे पर नियंत्रण पाने के लिए दिन में एक बार ब्लू टी का सेवन अवश्य करना चाहिए
याददाश्त बढ़ाता हैः ब्लू टी में उपस्थित एसिटाइलकोलाइन की उपस्थिति के कारण इसका उपयोग अल्जाइमर रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए करने की सलाह आहार विशेषज्ञ देते हैं. इसके सेवन से अवसाद और चिंता भी दूर होती है.
आंखों की रोशनी के लिएः ब्लू टी के नियमित सेवन से आंखों की रोशनी तेज होती है, क्योंकि इसमें प्रयुक्त तत्व रेटिना की क्षति, ग्लूकोमा एवं धुंधली दृष्टि की बीमारियों के जोखिम को कम करती है.











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