Zomato ने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग पनीर डिशेज पर लगाया बैन, नियमों का पालन न करने पर रेस्टोरेंट्स होंगे डीलिस्ट
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, सभी रेस्टोरेंट पार्टनर्स को तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं. जोमैटो ने रेस्टोरेंट्स से कहा है कि वे या तो प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का उपयोग शुरू करें या फिर ऐसे डिशेज को अपने मेन्यू से पूरी तरह हटा दें.
Zomato Bans Analogue Paneer Dishes: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग पनीर और डेयरी विकल्पों से बने व्यंजनों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. कंपनी ने एक 'ज़ीरो-टॉलरेंस' नीति लागू करते हुए उन सभी डिशेज को डीलिस्ट कर दिया है, जिनके बारे में रेस्टोरेंट्स ने एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल की घोषणा की थी. जोमैटो ने स्पष्ट किया है कि खाद्य गुणवत्ता और ग्राहकों की सेहत से जुड़ी इस नीति का पालन न करने वाले रेस्टोरेंट पार्टनर्स को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा.
रेस्टोरेंट्स को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, सभी रेस्टोरेंट पार्टनर्स को तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं. जोमैटो ने रेस्टोरेंट्स से कहा है कि वे या तो प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का उपयोग शुरू करें या फिर ऐसे डिशेज को अपने मेन्यू से पूरी तरह हटा दें. यह भी पढ़े: Karnataka Analogue Paneer Ban: महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी बैन हुआ एनालॉग पनीर, एक साल तक बिक्री और इस्तेमाल पर रोक
इसके अलावा, प्लेटफॉर्म ने रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर्स द्वारा दिए गए प्रोडक्ट लेबल और अवयवों (ingredients) की जांच करने को भी कहा है, ताकि मेन्यू में दिखाई जाने वाली जानकारी पूरी तरह से सटीक हो.
ग्राहकों की सेहत और पारदर्शिता प्राथमिकता
जोमैटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आदित्य मंगला ने इस फैसले पर बात करते हुए कहा कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों तक बेहतर और सुरक्षित भोजन पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि यह नीति ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करने और खाद्य मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कंपनी के मुताबिक, यह निर्णय भोजन में पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है.
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर या नकली पनीर में दूध के प्राकृतिक फैट की जगह वनस्पति तेल (vegetable oil) और स्टार्च जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. यह असली पनीर की तुलना में काफी सस्ता होता है, जिसके चलते कई रेस्टोरेंट्स लागत घटाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, बिना स्पष्ट जानकारी दिए इसका उपयोग करने से उपभोक्ताओं के साथ धोखा होता है और सेहत पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
हालिया नियम और FSSAI की सख्ती
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) तथा राज्य सरकारें डेयरी एनालॉग्स के गलत इस्तेमाल और भ्रामक लेबलिंग को लेकर सख्त रवैया अपना रही हैं. महाराष्ट्र, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने हाल के दिनों में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर कई तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं. जोमैटो का यह नया फैसला सरकारी नियमों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है.