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Karnataka Analogue Paneer Ban: महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी बैन हुआ एनालॉग पनीर, एक साल तक बिक्री और इस्तेमाल पर रोक

खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य एडिटिव्स) नियम, 2011 के अनुसार, असली पनीर पूरी तरह से दूध से तैयार किया जाने वाला एक मानकीकृत उत्पाद है. इसमें दूध का फैट एक अनिवार्य हिस्सा होता है.

Karnataka Analogue Paneer Ban: महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी बैन हुआ एनालॉग पनीर, एक साल तक बिक्री और इस्तेमाल पर रोक
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

Karnataka Analogue Paneer Ban:  कर्नाटक सरकार ने राज्य में 'पनीर' के नाम पर बेचे जाने वाले एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. खाद्य सुरक्षा और औषधीय प्रशासन (FDA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 17 अगस्त 2026 से राज्य भर में एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, वितरण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और बाजार में केवल असली दूध से बने मानक पनीर की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

कानूनी प्रावधान और आदेश का दायरा

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह निर्देश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a), 18 और 29 के तहत जारी किए हैं.  यह भी पढ़े:  Himachal Pradesh Bans Non-Dairy Products As Paneer: होटल-रेस्टोरेंट में नॉन-डेयरी प्रोडक्ट को पनीर बताकर परोसने पर रोक, नए नियम लागू

आदेश के लागू होने के बाद, कर्नाटक में किसी भी फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को किसी भी खाद्य सामग्री के निर्माण या तैयारी में एनालॉग पनीर का उपयोग, भंडारण, आपूर्ति या बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी.

क्या होता है एनालॉग पनीर?

खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य एडिटिव्स) नियम, 2011 के अनुसार, असली पनीर पूरी तरह से दूध से तैयार किया जाने वाला एक मानकीकृत उत्पाद है. इसमें दूध का फैट एक अनिवार्य हिस्सा होता है.

इसके विपरीत, एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर में दूध के फैट या मिल्क सॉलिड्स की जगह आंशिक या पूरी तरह से वेजिटेबल ऑयल, वेजिटेबल फैट या अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है. FSSAI के नियमों के तहत ऐसे उत्पादों को 'पनीर' के रूप में नहीं बेचा जा सकता.

नमूनों की जांच और जनहित में फैसला

विभाग के अनुसार, राज्य भर में पनीर के कई सैंपल लेकर लैब जांच कराई गई थी. जांच में यह पाया गया कि नमूनों में कोई सीधी मिलावट नहीं थी.

इसके बावजूद, बिना किसी स्पष्ट गुणवत्ता मानक के पनीर के नाम पर बेचे जा रहे विकल्पों से भ्रम और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को रोकने के लिए जनहित में यह रोक लगाई गई है.

किन उत्पादों पर लागू नहीं होगा नियम?

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बैन केवल उन डेयरी एनालॉग उत्पादों पर लागू होता है जिनके लिए FSSAI ने कोई विशेष मानक तय नहीं किए हैं.

यह आदेश उन प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों पर लागू नहीं होगा जिनके अपने अलग और स्पष्ट मानक तय हैं, जैसे:

  • फ्रोजन डेजर्ट (Frozen Dessert)

  • प्रोसेस्ड चीज (Processed Cheese)

  • मिक्स्ड फैट स्प्रेड (Mixed Fat Spread)

महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों के बाद अब कर्नाटक ने भी नकली या एनालॉग पनीर के व्यापार पर कड़ा रुख अपनाया है. यह आदेश 17 अगस्त 2027 तक प्रभावी रहेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2026 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).