Obscene Dance on Janmashtami: शनिवार, 16 अगस्त को भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव (Krishna Janmashtami) को लेकर पूरे देश में भक्ति और उत्साह का माहौल था. लेकिन इसी बीच यूपी और बिहार (UP and Bihar) से आए दो वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. एक तरफ बिहार के मोतिहारी (Motihari) में पंचायत प्रतिनिधि राजकुमार पासवान (Rajkumar Paswan) का डांस करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के जौनपुर के बदलापुर थाने (Badlapur Police Station Jaunpur) से एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है.
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पुलिस थाने में मुजरा?
मुझे नौलखा मंगा दे रे ओ सैयां दीवाने.."
पुलिस थाने में मुजरा चल रहा है, वो भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर. ये सब जौनपुर के बदलापुर थाने में हुआ है pic.twitter.com/ASF8bhGnbB
— Mohammad Imran (@ImranTG1) August 17, 2025
जन्माष्टमी पर अश्लील डांस
बिहार के मोतिहारी ज़िले के मुखिया राजकुमार पासवान का अश्लील डांस का वीडियो वायरल। कृष्ण जन्माष्टमी के एक कार्यक्रम में डांसर के साथ ठुमके लगाते नज़र आ रहे हैं। #Bihar pic.twitter.com/nvHEPKMpng
— Eshika (@syadvada169665) August 17, 2025
मोतिहारी में जन्माष्टमी पर अश्लीलता
पहले बात बिहार के मोतिहारी (Motihari) की करते हैं, जहां जन्माष्टमी (Janmashtami) के अवसर पर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुखिया राजकुमार पासवान (Mukhiya Rajkumar Paswan) खुले मंच पर एक आर्केस्ट्रा डांसर (Orchestra Dancer) के साथ नाचते नजर आए. गांव में आयोजित इस कार्यक्रम का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, लोगों ने इस पर अपनी नाराजगी जताई.
कई लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि से अपेक्षा की जाती है कि वह संस्कृति का ध्यान रखे, न कि इस तरह की हरकतों से उस पर सवाल उठाए.
जौनपुर में जन्माष्टमी पर आर्केस्ट्रा डांस
इसी तरह जौनपुर के बदलापुर थाने में जन्माष्टमी (Janmashtami in Badalpur Police Stationr) के नाम पर डांस पार्टी का आयोजन किया गया. यहां पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आर्केस्ट्रा डांसर (Orchestra Dancer) ने मंच पर जमकर डांस किया और दर्शक तालियां बजाते रहे. स्थानीय लोग इसे भगवान कृष्ण के उत्सव की गरिमा के साथ छेड़छाड़ बता रहे हैं.
लोगों का कहना है कि जहां भगवान के नाम पर भक्ति का माहौल होना चाहिए, वहां अश्लील नाच-गाने का क्या मतलब है?
आस्था के पर्व को धूमिल करने का आरोप
अब सवाल यह उठता है कि जन्माष्टमी (Janmashtami) जैसे पवित्र अवसर पर इस तरह के आयोजन की इजाजत किसने दी? आस्था के पर्व को अश्लीलता से जोड़ना न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि समाज में एक गलत संदेश भी देता है.













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