नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद देश में एक अहम सवाल खड़ा हो गया है. अब भारत का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा? चुनाव आयोग ने बुधवार को साफ कर दिया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगस्त के अंत तक नया चेहरा सामने आ सकता है. 74 वर्षीय जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि विपक्ष ने उनके इस फैसले को महज स्वास्थ्य तक सीमित न मानते हुए इसके पीछे ‘गहरे कारण’ होने की आशंका जताई है. धनखड़ अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति बने थे और उनका कार्यकाल 2027 तक था.
जगदीप धनखड़ जल्द खाली करेंगे सरकारी आवास, उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे की रात ही शुरू कर दी थी पैकिंग.
अब चुनाव कब और कैसे होंगे?
हालांकि चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार अगस्त के अंत तक भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा. उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य करते हैं. यह चुनाव गोपनीय बैलेट और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है.
चुनावी आंकड़े:
- कुल सांसद: 782
- बहुमत के लिए ज़रूरी वोट: 394
- NDA के पास समर्थन: 422+
यानि ये तय माना जा रहा है कि NDA का उम्मीदवार उपराष्ट्रपति पद पर काबिज होगा.
कौन-कौन हैं रेस में?
1. हरिवंश नारायण सिंह (JD-U)
राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश इस समय कार्यकारी उपराष्ट्रपति की भूमिका निभा रहे हैं. वे NDA के मजबूत चेहरे हैं और पहले भी विपक्षी उम्मीदवार को हराकर चुने गए थे.
2. नितीश कुमार (JD-U)
बिहार के मुख्यमंत्री का नाम भी चर्चा में है, लेकिन उनके लिए CM पद छोड़ना चुनाव से पहले भारी निर्णय हो सकता है. इसके बावजूद NDA सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने उनके इस्तीफे की बात उठाई है.
3. मनोज सिन्हा (BJP)
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कार्यकाल अगस्त में पूरा हो रहा है. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्वांचल से बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं.
4. जे.पी. नड्डा और राजनाथ सिंह (BJP)
बीजेपी के दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा — भी संभावित नामों में हैं. हालांकि नड्डा के स्थान पर नया बीजेपी अध्यक्ष चुना जाना भी समीकरण को प्रभावित कर सकता है.
5. शशि थरूर (Congress)
कांग्रेस नेता शशि थरूर का नाम भी विपक्षी खेमे से सामने आ रहा है. लेकिन उनके लिए उपराष्ट्रपति पद के लिए लोकसभा सदस्यता छोड़ना जरूरी होगा.
6. आरिफ मोहम्मद खान (BJP समर्थक)
बिहार के राज्यपाल और पूर्व सांसद आरिफ मोहम्मद खान भी एक अनुभवी और विविध राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेता हैं. शाहबानो केस पर कांग्रेस से अलग होने वाले खान अब भाजपा के करीबी माने जाते हैं.
क्या होगा बीजेपी का अगला सरप्राइज?
बीजेपी अक्सर ऐसे पदों पर चौंकाने वाले नाम सामने लाती है, जैसा कि राष्ट्रपति और पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों में देखा गया. इसलिए हो सकता है कि उपराष्ट्रपति के लिए भी पार्टी किसी नए और अप्रत्याशित नाम की घोषणा कर दे.













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