Who is Parag Jain? मिलिए RAW के नए चीफ पराग जैन से, जिन्हें सौंपी गई भारत की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी की कमान

1989 बैच के IPS अधिकारी पराग जैन को भारत की खुफिया एजेंसी RAW का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. उन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' का मास्टरमाइंड माना जाता है और वे ह्यूमन और टेक इंटेलिजेंस के विशेषज्ञ हैं. वह 1 जुलाई से रवि सिन्हा की जगह लेंगे और अगले दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे.

Who is Parag Jain, Appointed as India's New RAW Chief? मोदी सरकार ने भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (Research and Analysis Wing - RAW) के नए प्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया है. पंजाब कैडर के 1989-बैच के IPS अधिकारी पराग जैन अब रॉ के नए चीफ होंगे. वह 1 जुलाई से अगले दो सालों के लिए यह पद संभालेंगे और मौजूदा प्रमुख रवि सिन्हा की जगह लेंगे.

कौन हैं पराग जैन?

खुफिया विभाग में पराग जैन को 'सुपर जासूस' और जासूसी कला का उस्ताद माना जाता है. उनकी सबसे बड़ी खासियत इंसानों से मिली जानकारी (ह्यूमिंट) और टेक्नोलॉजी से मिली जानकारी (टेकिंट) को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल करना है. अधिकारियों का मानना है कि इसी खूबी की वजह से उन्होंने कई बड़े और मुश्किल ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है.

'ऑपरेशन सिंदूर' के हीरो

पराग जैन के सबसे चर्चित कामों में से एक 'ऑपरेशन सिंदूर' है. इसी ऑपरेशन में उनके द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे.

हालांकि मिसाइलों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कुछ ही मिनट लगे, लेकिन इसके पीछे की खुफिया जानकारी जुटाने में सालों की मेहनत लगी थी, जिसका नेतृत्व पराग जैन ने किया था.

लंबा और शानदार अनुभव

पराग जैन एक ऐसे अधिकारी हैं जो ज्यादा चर्चा में रहना पसंद नहीं करते और चुपचाप अपना काम करते हैं. उनके अनुभव की सूची काफी लंबी है:

आगे की चुनौतियाँ

पराग जैन के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं. पिछले कुछ समय में मालदीव और बांग्लादेश के मामलों को संभालने के तरीके को लेकर रॉ की आलोचना हुई है. इसके अलावा, पहलगाम में हुए आतंकी हमले का पूर्वानुमान लगाने में विफलता ने भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख की भारत विरोधी बयानबाजी और कश्मीर को लेकर आक्रामक रुख के कारण भी भारत पर खतरा बढ़ा है. ऐसे में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पराग जैन और उनकी एजेंसी रॉ की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है.

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