जलगांव, महाराष्ट्र: लोगों के साथ ऑनलाइन (Online) तरीके से ठगी की जा रही है, डिजिटल अरेस्ट के जरिए भी लोगों के साथ अब तक लाखों रूपए की धोखाधड़ी हुई है. अब जलगांव (Jalgaon) से एक ऐसी ही ठगी का मामला सामने आया है. यहां पर एक व्यापारी के मोबाइल के व्हाट्सएप ( Whatsapp) पर एक 'ऑटो डाउनलोड' फाइल आई और वह अपने आप डाउनलोड हो गई. इसके बाद इस मोबाइल फोन का एक्सेस आरोपियों को मिल गया और उन्होंने व्यापारी के अकाउंट से 4 लाख 64 हजार रूपए उड़ा लिए.
पैसे जाने के बाद घबराया व्यापारी सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचा और इस घटना की जानकारी दी. इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. ये भी पढ़े:Mumbai Cyber Fraud: 734 ट्रांजैक्शन, 21 महीने, 4 महिलाएं…ऑनलाइन प्यार के जाल में फंसकर बुजुर्ग ने गंवाए 9 करोड़ रुपये
अपराधियों ने उड़ाएं पीड़ित व्यापारी के लाखों रूपए
'साम टीवी ' की रिपोर्ट के मुताबिक जलगांव के पीड़ित व्यापारी 49 साल के नीलेश हेमराज सराफ के व्हाट्सएप पर एक अननोन नंबर से कस्टमर सर्विस सपोर्ट नाम की APK फाइल आई. उस समय उनके मोबाइल में व्हाट्सएप की सेटिंग 'ऑटो डाउनलोड' (Auto Download) पर थी, जिसकी वजह से वह फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई और ठगों को उनके फोन का पूरा कंट्रोल (Access) मिल गया.जैसे ही फाइल डाउनलोड हुई, साइबर अपराधियों ने व्यापारी के मोबाइल (Mobile) से सभी निजी जानकारी हासिल कर ली और उनके बैंक खाते से 4 लाख 64 हजार रुपये निकाल लिए. जब सराफ को खाते से पैसे निकलने का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत बैंक जाकर अपना खाता होल्ड करवा दिया, जिससे शेष रकम बचाई जा सकी.
साइबर पुलिस की जांच शुरू
इस मामले में सायबर पुलिस स्टेशन (Cyber Police Station) में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने बताया कि व्यापारी का मोबाइल उस समय वाई-फाई से कनेक्टेड था, जिसके चलते यह फाइल तुरंत डाउनलोड हो गई और घटना घटी.
पुलिस की नागरिकों को चेतावनी
सायबर पुलिस थाने के निरीक्षक सतीश गोराडे ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा,'मोबाइल में वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय 'ऑटो डाउनलोड' सेटिंग बंद रखें. किसी भी अनजान नंबर से आई फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें. इससे फोन और बैंक अकाउंट दोनों पर खतरा हो सकता है.
ऐसे बचे ऑनलाइन ठगी से
व्हॉट्सऐप में ‘ऑटो डाउनलोड’ सेटिंग बंद रखें.
अनजान नंबरों से आए फाइल या लिंक पर क्लिक न करें.
किसी संदिग्ध गतिविधि के दिखते ही सायबर पुलिस से तुरंत संपर्क करें.













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