डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वाली धमकी पर राज्यसभा में केंद्र सरकार ने दिया जवाब; जानें क्या कहा
मोदी सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि अब तक अमेरिका ने भारत पर कोई विशेष (कंट्री-स्पेसिफिक) या बदले में (रिक्रिप्रोकल) टैरिफ नहीं लगाया है.
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि अब तक अमेरिका ने भारत पर कोई विशेष (कंट्री-स्पेसिफिक) या बदले में (रिक्रिप्रोकल) टैरिफ नहीं लगाया है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से भारत पर पारस्परिक टैरिफ सहित किसी देश विशेष पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है. इस बात की जानकारी एक सवाल के जवाब में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लगाए गए हाई टैरिफ की बार-बार आलोचना की है.
डोनाल्ड ट्रंप बोले भारत से अच्छे संबंध, लेकिन... टैरिफ को लेकर कह दी ये बात.
दरअसल 13 फरवरी 2025 को अमेरिका ने एक नई व्यापार नीति घोषित की, जिसमें यह निर्देश दिया गया कि उन देशों की जांच की जाएगी जो अमेरिका के साथ असंतुलित व्यापार नीति अपनाते हैं. इस जांच के बाद अमेरिका इन देशों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकता है. हालांकि, भारत पर फिलहाल कोई अलग से टैरिफ नहीं लगाया गया है.
क्या कहा राज्यसभा में?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि अभी तक अमेरिका ने भारत पर कोई विशेष या बदले में (रिक्रिप्रोकल) टैरिफ नहीं लगाया है. अमेरिका ने सभी देशों पर स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिसमें भारत भी शामिल है. इससे पहले अमेरिका कुछ देशों को छूट देता था, लेकिन इस बार कोई छूट नहीं दी गई है.
ट्रंप की नाराजगी और भारत पर दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि भारत दुनिया के सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक है. ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिकी सामान पर ऊंचे टैक्स लगाता है, इसलिए अमेरिका भी भारत पर समान टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि 2 अप्रैल 2025 से यह नए टैरिफ लागू हो सकते हैं.
अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में नया मिशन
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए "मिशन 500" की शुरुआत की गई है. इसका लक्ष्य 2030 तक भारत-अमेरिका व्यापार को 500 बिलियन डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) से अधिक तक ले जाना है. दोनों देश एक नए व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे बाजार तक पहुंच बढ़ाई जाएगी. टैरिफ और अन्य व्यापारिक बाधाएं कम की जाएंगी. सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 21, 2025 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

