West Asia Crisis: पीएम मोदी की CCS बैठक का शिवसेना UBT ने किया स्वागत, कांग्रेस ने की सर्वदलीय बैठक की मांग
शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह युद्ध खत्म होने के संकेत नहीं दे रहा है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति ने आगे कार्रवाई के संकेत दिए हैं. इजरायल लगातार ईरान पर हमले कर रहा है और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, खासकर तेल जैसी जरूरी चीजों की कमी देखने को मिल रही है.”
West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाने के फैसले का शिवसेना (UBT) और कांग्रेस दोनों ने स्वागत किया है. हालांकि कांग्रेस ने सरकार के कदम को देर से उठाया गया बताते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की है. Jammu Kashmir Pahalgam Terror Attack: PM मोदी सीसीएस की बैठक में होंगे शामिल, जानें क्यों होती है मीटिंग और कौन होता है शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में CCS की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मौजूदा स्थिति और उसके प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई. बैठक में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों और आगे की तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी.
शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह युद्ध खत्म होने के संकेत नहीं दे रहा है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति ने आगे कार्रवाई के संकेत दिए हैं. इजरायल लगातार ईरान पर हमले कर रहा है और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, खासकर तेल जैसी जरूरी चीजों की कमी देखने को मिल रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “भारत अपनी लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए यह बैठक बेहद जरूरी थी. मैं इस कदम का स्वागत करती हूं और उम्मीद करती हूं कि प्रधानमंत्री की मध्य-पूर्वी देशों के साथ बातचीत से तनाव कम होगा.”
वहीं, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने बैठक के समय पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “CCS की बैठक हुई, लेकिन यह कदम थोड़ा देर से उठाया गया लगता है. क्या सरकार के पास पहले से कोई तैयारी नहीं थी? यह स्थिति काफी समय से चल रही है, ऐसे में यह कदम फायरफाइटिंग जैसा नजर आता है.”
उन्होंने आगे कहा, “भारत की तेल जरूरतें पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर हैं, इसलिए सरकार को लैटिन अमेरिका और रूस जैसे विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए. साथ ही CCS बैठक के बाद एक सर्वदलीय बैठक भी होनी चाहिए, ताकि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हो सके.”
कांग्रेस ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट से निपटने के लिए सरकार को सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर चलना चाहिए. आने वाले समय में सरकार की रणनीति और फैसलों पर सबकी नजर बनी रहेगी.