'हम सभी एक ही पेज पर हैं’: कांग्रेस छोड़ने की अटकलों के बीच राहुल गांधी और खरगे से मिले शशि थरूर, कहा- 'सब ठीक है'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात कर पार्टी के भीतर चल रही मनमुटाव की खबरों को खारिज कर दिया. थरूर ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को 'सकारात्मक' बताया है.
नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी खींचतान और शशि थरूर के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर गुरुवार को विराम लग गया. तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से सांसद शशि थरूर(Shashi Tharoor) ने संसद भवन स्थित मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) के कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की. लगभग 90 मिनट तक चली इस बैठक के बाद थरूर ने साफ लहजे में कहा कि 'हम सभी एक ही पेज पर हैं.’
यह मुलाकात तब हुई है जब थरूर द्वारा पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों को छोड़ने और राज्य नेतृत्व द्वारा उन्हें 'नजरअंदाज' किए जाने की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनी हुई थीं. यह भी पढ़ें: जेन-जी को संविधान की रक्षा करनी है, चुनाव चोरी को रोकना हमारी जिम्मेदारी: राहुल गांधी
'सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा'
बैठक के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘आज विभिन्न विषयों पर गर्मजोशी भरी और रचनात्मक चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी और राहुल गांधी जी का धन्यवाद. हम भारत के लोगों की सेवा में आगे बढ़ते हुए पूरी तरह एकमत (Same Page) हैं.’
थरूर ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि अपने ही दल के नेताओं से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है. उन्होंने पार्टी छोड़ने या नाराज होने की खबरों को केवल अटकलें करार दिया.
'सब ठीक है, हम एक ही बात पर सहमत हैं'
क्यों नाराज थे शशि थरूर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, थरूर की नाराजगी के पीछे हाल ही में कोच्चि में आयोजित 'महापंचायत' कार्यक्रम था. आरोप था कि मंच पर मौजूद होने के बावजूद राहुल गांधी ने अपने संबोधन में थरूर का नाम नहीं लिया और उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया.
- नजरअंदाज किए जाने का आरोप: केरल के स्थानीय नेताओं द्वारा उन्हें दरकिनार करने की कोशिशों से थरूर असहज महसूस कर रहे थे.
- बैठकों से दूरी: थरूर ने पिछले हफ्ते केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण एआईसीसी (AICC) बैठक और मंगलवार को संसदीय रणनीति समूह की बैठक भी छोड़ दी थी. हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर इसका कारण 'पूर्व प्रतिबद्धताएं' और लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी भागीदारी बताया था. यह भी पढ़ें: राहुल गांधी का '22 फर्जी वोट' वाला दावा फेल? असली वोटरों ने बताई सच्चाई, ब्राजील मॉडल' वाले आरोप की हवा निकाल दी
केरल चुनाव 2026 पर नजर
केरल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह की गुटबाजी को खत्म करना चाहता है. थरूर केरल में एक लोकप्रिय चेहरा हैं और उनका समर्थन शहरी मतदाताओं और युवाओं के बीच काफी मजबूत है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी भूमिका और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
बैठक में 'ऑपरेशन सिंदूर' और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिन पर थरूर के विचार पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग रहे हैं. फिलहाल, इस मुलाकात ने कांग्रेस खेमे में 'ऑल इज वेल' का संदेश देने की कोशिश की है.