Mumbai Water Stock: मुंबई में गहरा सकता है पानी का संकट! झीलों में बचा है सिर्फ 32.85 फीसदी पानी, भीषण गर्मी के चलते वाष्पीकरण का खतरा बढ़ा
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Mumbai Water Stock: मुंबई और महाराष्ट्र में भीषण गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, जिससे मुंबई में पानी का संकट गहरा सकता है. क्योंकि मुंबई को सप्ल्लाई करने वाली झीलों में  सिर्फ 32.85  फीसदी पानी बचा हैं. महाराष्ट्र में पड़ रहे गर्मी के कारण इस साल झीलों में जमा पानी के वाष्पीकरण का खतरा बढ़ गया है. अत्यधिक गर्मी के कारण झीलें सूखने लगी हैं. BMC के पूर्व अधिकारी का कहना है कि यह समस्या मई तक गंभीर हो सकती है. पिछले छह दिनों में झीलों के जलस्तर में 2.21 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले साल इस अवधि में गिरावट 2.19 प्रतिशत और 2023 में 2.1 प्रतिशत थी. 2023 के मुकाबले वर्तमान जल स्टॉक 0.11 प्रतिशत कम हुआ है, और 2024 से यह 0.02 प्रतिशत कम है.

वाष्पीकरण का खतरा बढ़ा

BMC के हाइड्रॉलिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल वाष्पीकरण का खतरा पिछले साल से अधिक है, क्योंकि सूरज की किरणें अधिक तीव्र हैं. हालांकि, इस अंतर को अभी मामूली ही बताया गया है. हाइड्रॉलिक इंजीनियर पुरुषोत्तम मालवाड़े ने मीडिया से कहा, "हमने राज्य सरकार से पहले ही अपने आरक्षित जल स्टॉक से पानी जारी करने की मांग की है ताकि मुंबई में पानी की कमी न हो.

बीएमसी ने सरकार से अतिरिक्त पानी की मांग

मुंबईवासियों के पानी की आपूर्ति में संकट से बचने के लिए BMC ने अपर वैतरणा से 68,000 मिलियन लीटर और भात्सा डेम से 1.13 लाख मिलियन लीटर पानी मांगा है.  ये दोनों बांध राज्य सरकार के अधीन हैं.  हालांकि मुंबई कोई  इसके अलावा, BMC को मध्य वैतरणा, मोडक सागर, तनसा, तुलसी और विहार जैसी झीलों से भी पानी मिलता है.

मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन ने दी हड़ताल की धमकी

पानी की आपूर्ति पर बढ़ते संकट के बीच, मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन ने केंद्रीय भूमिगत जल प्राधिकरण के लाइसेंसिंग निर्णय का विरोध करते हुए हड़ताल की धमकी दी है. एसोसिएशन ने 10 अप्रैल से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. इस हड़ताल के कारण मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि गर्मी के मौसम में कई इलाकों में पानी की आपूर्ति टैंकरों द्वारा की जाती है.