विवेक तिवारी हत्याकांड: SIT जांच में बड़ा खुलासा, पुलिस की बाइक से नहीं टकराई थी कार
विवेक तिवारी (Photo Credit-Facebook)

नई दिल्ली: लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में नया खुलासा हुआ है. मामले की जांच कर रही SIT की टेक्निकल सपोर्ट टीम के मुताबिक, विवेक तिवारी की कार उस रात सिपाहियों की बाइक से टकराई ही नहीं थी. ऐसे में बाइक का पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना पुलिस द्वारा बनाई गई कहानी पर सवाल खड़ा कर रहा है. जांच में पता चला कि गाड़ी का अगला हिस्सा अंडरपास के पिलर से टकराने से क्षतिग्रस्त हुआ था.

ऐसे में अब SIT के खुलासे के बाद ये सवाल उठता है कि अगर विवेक तिवारी की ओर से गाड़ी चढ़ाने की कोशिश नहीं की गई थी, तो पुलिस द्वारा विवेक पर किन परिस्थितियों में गोली चलाई गई. मामले की जांच कर रही UPSRTC की तकनीकी टीम ने दी SIT टीम को इस बात की जानकारी दी है.

मुआयना करने वाले पुलिसकर्मियों का दावा है कि बाइक में मामूली टक्कर हुई होती तो भी एसयूवी का बायां हिस्सा क्षतिग्रस्त होता, लेकिन एसयूवी के बायें हिस्से में कोई डैमेज नहीं मिला. इसके विपरीत बाइक के दाएं तरफ का हैंडल टूटकर निकल गया और बाएं तरफ भी काफी डैमेज हुआ है. ऐसा डैमेज किसी भीषण एक्सिडेंट में ही हो सकता है. निष्पक्ष जांच के लिए बाइक का मुआयना परिवहन विभाग की टेक्निकल टीम से करवाया गया था. यह भी पढ़ें- विवेक तिवारी हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुए कई खुलासे, पुलिस के झूठ की हुई पोल-खोल

बता दें कि लखनऊ पुलिस ने 28 सितंबर को गोमतीनगर में विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी थी. पुलिस के मुताबिक, देर रात संदिग्ध लगने पर कार सवार युवक को कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने रोकने का प्रयास किया. विवेक ने रुकने की बजाय कार कथित तौर पर पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल पर चढ़ा दी. जिसके बाद सिपाही ने गोली चलाई. मामले में 2 पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है, दोनों तभी से हिरासत में हैं. जिसके बाद उन्होंने नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. यह भी पढ़ें- विवेक तिवारी हत्याकांड: सामने आया CCTV फुटेज, हुआ ये खुलासा