Punjab Floods Relief Package: पंजाब में आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है. इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) और उनकी कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, बाढ़ में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, और खेतों में जमा रेत को हटाने और बेचने की अनुमति दी गई है.
सीएम भगवंत मान की घोषणा
सीएम भगवंत मान ने यह घोषणा मोहाली के एक निजी अस्पताल से की, जहां वह 5 सितंबर को थकान और कम हृदय गति के कारण भर्ती हुए थे. लाइव प्रसारण के दौरान उन्होंने बताया कि 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा अब तक देश की किसी भी सरकार द्वारा दिया गया सबसे अधिक मुआवजा है. यह भी पढ़े: Punjab Floods: गायक दिलजीत दोसांझ का सराहनीय कदम, बाढ़ प्रभावित पंजाब के 10 गांवों को लिया गोद; संजय दत्त समेत अन्य हस्तियों ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
मदद को लेकर सीएम भगवंत मान की बड़ी घोषणा
‘जिसदा खेत उसदी रेत’ नीति की मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने ‘जिसदा खेत उसदी रेत’ नीति को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसान अपने खेतों में जमा रेत को 15 नवंबर तक बिना किसी परमिट या एनओसी के हटा और बेच सकते हैं। यह कदम किसानों को जल्द से जल्द राहत प्रदान करने के लिए उठाया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी का दौरा
बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुरदासपुर जिले का दौरा करेंगे। वह राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे. उनके दौरे से बाढ़ प्रभावित लोगों को सरकार की तरफ से और भी सहायता की उम्मीद है.
20,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग
पंजाब के मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अमन अरोड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए कम से कम 20,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास “अटके” हुए हैं, जिन्हें तत्काल जारी किया जाना चाहिए.
बाढ़ से करीब 4 लाख लोग प्रभावित
पंजाब में चार दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ ने सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान और भारी बारिश के कारण लगभग 4 लाख लोगों को प्रभावित किया है, गुरदासपुर, कपूरथला, फिरोजपुर, फाजिल्का और अमृतसर जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां 1.75 लाख एकड़ से अधिक खेत जलमग्न हो गए हैं, इस बाढ़ से 48 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं.













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