VIDEO: विरार से माहिम तक लोकल ट्रेन के डब्बे से बांधकर होलिका दहन के लिए लंबा पेड़ का तना लाने का आरोप; केस दर्ज, 6 लोग गिरफ्तार
मुंबई लोकल ट्रेन के दरवाजों पर होली के लिए पेड़ का तना बांधकर ले जाने के मामले में रेलवे पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस लापरवाही के कारण ट्रेन सेवाएं करीब 20 मिनट तक बाधित रहीं.
मुंबई: मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन में स्टंट और लापरवाही के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामले में, विरार से माहिम के बीच चलने वाली एक लोकल ट्रेन के डिब्बों के बाहर होली उत्सव के लिए सुपारी के पेड़ का एक लंबा तना बांधकर ले जाने का वीडियो सामने आया है. इस घटना से न केवल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ी, बल्कि ट्रेन सेवाओं में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ. पश्चिम रेलवे ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर कानूनी कार्रवाई की है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह पूरी घटना तब प्रकाश में आई जब मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लंबा पेड़ कोच के बाहर क्षैतिज (horizontal) रूप से बंधा हुआ है, जिससे ट्रेन के कम से कम तीन दरवाजे पूरी तरह बंद हो गए थे. वीडियो में पेड़ काटने से पहले पूजा करने और फिर उसे ट्रेन पर लादने की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई थी. मलाड ट्रेन मर्डर केस: वारदात के बाद फुट ओवरब्रिज पर भागते आरोपी का CCTV फुटेज आया सामने; देखें VIDEO
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20 मिनट तक बाधित रही रेल सेवा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात की है. ट्रेन के गार्ड ने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि कोच संख्या 5294/C के बाहर कुछ लोगों ने पेड़ का तना बांध दिया है, जिससे यात्रियों का प्रवेश बाधित हो रहा है. सुरक्षा कारणों से ट्रेन को रोकना पड़ा, जिसके चलते विरार-माहिम रूट पर करीब 20 मिनट तक रेल यातायात प्रभावित रहा. बोरीवली स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है.
रेलवे एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
पश्चिमी रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने स्पष्ट किया कि उपनगरीय ट्रेनों में भारी सामान ले जाना यात्रियों की सुरक्षा के हित में प्रतिबंधित है. पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145(b) और 145(c) के तहत मामला दर्ज किया गया है. ये धाराएं सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव करने और बाधा उत्पन्न करने से संबंधित हैं.
परंपरा और सुरक्षा का टकराव
वीडियो साझा करने वाले यूजर ने दावा किया कि विरार से माहिम तक होली के लिए पेड़ ले जाने की यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है. हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परंपरा के नाम पर यात्रियों की जान जोखिम में डालना और सार्वजनिक परिवहन में बाधा डालना स्वीकार्य नहीं है. अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस तरह की गतिविधियों से बचें जो रेल परिचालन में बाधा डालती हों.
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