VIDEO: दिल्ली के Zepto स्टोर में डिलीवरी बॉय की बर्बर पिटाई; परफ्यूम लगाने पर दी 'मुर्गा' बनने की सजा, मालिक पर FIR
दिल्ली के कोंडली स्थित एक जेप्टो स्टोर में डिलीवरी राइडर के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है. स्टोर के अंदर परफ्यूम छिड़कने पर कर्मचारी को बेरहमी से पीटा गया और मुर्गा बनाया गया. पुलिस ने स्टोर मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
Delhi Zepto Store Row: राजधानी दिल्ली (Delhi) के कोंडली (Kondli) इलाके में स्थित एक 'जेप्टो' (Zepto) डार्क स्टोर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 18 वर्षीय डिलीवरी राइडर (Delivery Rider), ऋषभ कुमार (Rishabh Kumar) को स्टोर के अंदर परफ्यूम (Perfume) लगाने जैसी मामूली बात पर न केवल बुरी तरह पीटा गया, बल्कि उसे जबरन 'मुर्गा' बनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया गया.
यह पूरी घटना स्टोर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं. यह भी पढ़ें: VIDEO: शोरूम वालों से परेशान होकर युवक ने लगाई अपनी ई रिक्शा को आग, सड़क पर मचा हंगामा, जोधपुर का वीडियो आया सामने
परफ्यूम लगाने पर मिली 'तालिबानी' सजा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ऋषभ कुमार ओल्ड कोंडली के हरिजन बस्ती का निवासी है. घटना उस वक्त हुई जब ऋषभ स्टोर के अंदर काम कर रहा था और उसने अपने ऊपर थोड़ा परफ्यूम छिड़क लिया. स्टोर के अन्य कर्मचारियों और मालिक को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने ऋषभ के साथ मारपीट शुरू कर दी.
आरोप है कि स्टोर मालिक और स्टाफ ने मिलकर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और सजा के तौर पर उसे 'मुर्गा' बनने के लिए मजबूर किया. इस हमले के कारण ऋषभ को काफी चोटें आई हैं और वह गहरे मानसिक सदमे में है.
परफ्यूम लगाने पर डिलीवरी बॉय को दी 'मुर्गा' बनने की सजा
पुलिसिया कार्रवाई और FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है. पुलिस ने स्टोर मालिक और संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. पीड़ित ऋषभ का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर रही है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के साथ इस तरह का बर्बर व्यवहार कानूनन अपराध है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
सोशल मीडिया पर नाराजगी और बहस
इंटरनेट पर इस घटना के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स जेप्टो को टैग करते हुए सवाल पूछ रहे हैं:
- मानसिकता पर सवाल: एक यूजर ने लिखा, ‘काम करने वाले का भी अपना व्यक्तित्व होता है, मालिक उसे गुलाम समझने की भूल न करें.’
- फ्रेंचाइजी मॉडल: कई लोगों ने जेप्टो से पूछा है कि वे ऐसे असंवेदनशील और क्रूर लोगों को स्टोर चलाने की जिम्मेदारी कैसे दे देते हैं.
- विवादित पक्ष: वहीं कुछ लोगों का यह भी तर्क था कि स्टोर के उत्पादों की शुद्धता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन हिंसा और अपमान को किसी भी आधार पर जायज नहीं ठहराया जा सकता. यह भी पढ़ें: 'मुंबई की लेट-नाइट 'डबल क्रेविंग': स्नैक्स और कंडोम की जोड़ी बनी शहर की सबसे बड़ी पसंद, Zepto के Year-End Trend से हुआ खुलासा
डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा पर संकट
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ऐप-आधारित डिलीवरी कर्मचारी (गीग वर्कर्स) लगातार अपनी सुरक्षा और वेतन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. हाल ही में 31 दिसंबर को 'इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स' (IFAT) से जुड़े कर्मचारियों ने खराब कार्य परिस्थितियों के खिलाफ हड़ताल भी की थी. यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि इन कर्मचारियों के पास न केवल वित्तीय सुरक्षा की कमी है, बल्कि कार्यस्थल पर उनके सम्मान की रक्षा के लिए भी कड़े कानूनों की आवश्यकता है.