UPSSF: योगी सरकार ने किया यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन, बिना वारंट ले सकेंगे तलाशी, कर सकेंगे अरेस्ट
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) का गठन किया है. उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स को किसी की अरेस्ट करने के लिए वारंट की आवश्यकता नहीं होगी. इतना ही नहीं विशेष परिस्थितियों में बल को बिना वारंट के तलाशी भी ले सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो जानकारी दिया गया है उसके मुताबिक बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के किसी आदेश के बिना तथा किसी वारण्ट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है. उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के लिए अधीनस्थ अधिकारियों तथा सदस्यों की भर्ती यूपी पुलिस भर्ती तथा प्रोन्नति बोर्ड द्वारा की जायेगी जो राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा बनायी गई सामान्य नियमावली के अनुसार होगी.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) का गठन किया है. उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स को किसी की अरेस्ट करने के लिए वारंट की आवश्यकता नहीं होगी. इतना ही नहीं विशेष परिस्थितियों में बल को बिना वारंट के तलाशी भी ले सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो जानकारी दिया गया है उसके मुताबिक बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के किसी आदेश के बिना तथा किसी वारण्ट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है. उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के लिए अधीनस्थ अधिकारियों तथा सदस्यों की भर्ती यूपी पुलिस भर्ती तथा प्रोन्नति बोर्ड द्वारा की जायेगी जो राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा बनायी गई सामान्य नियमावली के अनुसार होगी.
बता दें कि उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) यह फोर्स उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट, जिला न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालय और परिसर व तीर्थ स्थल, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, बैंक अन्य वित्तीय, शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान आदि की सुरक्षा व्यवस्था करेगी. इसमें 9,919 कर्मचारी काम करेंगे. पहले चरण में पांच बटालियन का गठन किया जाना है. इन बटालियन के लिए 1,913 नए पद सृजित किए जाएंगे. यह बल (UPSSF) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार का ट्वीट:-
बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के किसी आदेश के बिना तथा किसी वारण्ट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है (इस धारा के अधीन प्रयोग की जाने वाली शक्तियों की रीति इस निमित्त विहित नियमावली द्वारा शासित होगी): ACS, गृह व सूचना, श्री @AwasthiAwanishK जी
— Government of UP (@UPGovt) September 13, 2020
गौरतलब हो कि इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई है कि अपराधों की फॉरेंसिक जांच और अभियोजन के लिए पुलिस तंत्र और अभियोजकों को साइबर अपराध के क्षेत्र में दक्ष बनाने के मकसद से राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित पिपरसंड गांव में उत्तर प्रदेश पुलिस एवं फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है. उन्होंने बताया कि 35.16 एकड़ में बनने जा रहे इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान, आचार विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में अभिनव शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2020 09:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

