Uttar Pradesh: अंधविश्वास के चलते यूपी में कोरोना मरीज पीपल के पेड़ के नीचे जुटे
कोरोना (Photo Credits: Pixabay)

शाहजंहापुर, 2 मई : अंधविश्वास के चलते शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के बहादुरगंज क्षेत्र में लोग कोविड पॉजिटिव होने के बाद पीपल के पेड़ के पास जुट रहे हैं. कोविड पॉजिटिव घोषित हो चुके दो परिवारों के लगभग आधा दर्जन सदस्य अब ऑक्सीजन (Oxygen) की खुराक के लिए पीपल के पेड़ के नीचे लेटे हैं. पेड़ के नीचे पड़ी महिलाओं में से एक उर्मिला कहती हैं, "मुझे सांस लेने में समस्या हो रही थी और ऑक्सीजन या ऑक्सीजन का कोई सहारा नहीं था. किसी ने मुझे बताया कि पीपल का पेड़ ऑक्सीजन निकालता है और मेरा परिवार मुझे यहां लेकर आया है. बेहतर महसूस कर रही हूं और सांस लेने में भी दिक्कत नहीं है."

भारतीय जनता पार्टी के विधायक रोशनलाल वर्मा ने इलाके में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की. स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गुस्सा व्यक्त करते हुए, उन्होंने शनिवार को जिला अधिकारियों को फोन किया और उन्हें अस्पतालों में मरीजों को स्थानांतरित करने के लिए कहा. हालांकि, उर्मिला ने कहा कि चूंकि वह पीपल के पेड़ के नीचे बेहतर महसूस कर रही थीं, इसलिए वह अस्पताल में शिफ्ट नहीं होना चाहती थीं. यह भी पढ़ें : हरियाणा में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कल से 7 दिन के लिए संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा

उसके परिवार के सदस्य ने कहा, "हमें बताया गया था कि पीपल अधिकतम ऑक्सीजन देता है. चूंकि कोई विकल्प नहीं बचा था, हम अपनी चाची को यहां ले आए और वह काफी हद तक ठीक हो गई. क्या मायने रखता है कि वह सुधर रही है और उसे ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता नहीं है. हमें परवाह नहीं है कि लोग क्या कहते हैं. " इस बीच, लखनऊ के चिकित्सा विशेषज्ञ दावा करते हैं कि प्रभाव शारीरिक से अधिक मनोवैज्ञानिक है. वहीम किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक डॉक्टर ने कहा, "यह संभवत ताजा हवा है जो लोगों को सांस लेने में मदद कर रही है."