अगर आप अमेरिका जाने के लिए वीजा अप्लाई कर रहे हैं और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी छिपा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! भारत में अमेरिकी दूतावास ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया की जानकारी नहीं देना वीजा रिजेक्शन का कारण बन सकता है. इतना ही नहीं, इससे भविष्य में भी अमेरिका वीजा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है. अमेरिकी दूतावास ने बताया है कि वीजा अप्लिकेशन फॉर्म DS-160 में आवेदकों को पिछले 5 सालों में इस्तेमाल किए गए सभी सोशल मीडिया यूजरनेम या हैंडल भरना अनिवार्य है.
इसमें Facebook, Instagram, Twitter (अब X), LinkedIn, YouTube जैसे सभी प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं- भले ही वो अकाउंट अब एक्टिव न हो. दूतावास ने यह भी कहा, “आवेदक वीजा फॉर्म पर साइन करने से पहले यह प्रमाणित करते हैं कि दी गई जानकारी सही और पूरी है.”
स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर के लिए नया नियम
हाल ही में अमेरिका सरकार ने F, M और J श्रेणी के नॉन-इमिग्रेंट वीजा के लिए एक नया नियम लागू किया है. इन वीजा की कैटेगरी में वे छात्र और एक्सचेंज विजिटर आते हैं जो शैक्षणिक अध्ययन या इंटर्नशिप और शोध कार्य के लिए अमेरिका जाते हैं. अब F, M और J वीजा के लिए आवेदन कर रहे व्यक्तियों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स 'पब्लिक' पर रखनी होगी, ताकि अमेरिका सरकार उनकी पहचान की जांच सही तरीके से कर सके.
किन वीजा के लिए जरूरी है यह नियम?
- F वीजा: शैक्षणिक छात्रों के लिए
- M वीजा: वोकेशनल (प्रशिक्षण आधारित) छात्रों के लिए
- J वीजा: एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेने वाले शोधकर्ता, इंटर्न्स और स्कॉलर के लिए
इस नियम का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवेदकों की वास्तविक पहचान और पात्रता सुनिश्चित करना है.
झूठी जानकारी देना पड़ेगा भारी
अगर कोई आवेदक जानबूझकर सोशल मीडिया की जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसका वीजा तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट किया जा सकता है और उसे भविष्य में वीजा के लिए अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है.
जो लोग अमेरिका वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनके लिए यह ज़रूरी है कि वे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की सही जानकारी दें और यदि वे F, M या J वीज़ा के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो सोशल मीडिया अकाउंट्स को 'पब्लिक' मोड में रखें. इस नियम को नजरअंदाज करना आपकी वीजा यात्रा को रोक सकता है.













QuickLY