Una Horror Video: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 6 साल की मासूम बच्ची को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने पेड़ से एक अमरूद तोड़ लिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है. यह भी पढ़े: Andhra Pradesh Shocker: आंध्र प्रदेश में महिला के साथ हैवानियत, चाकू की नोंक पर रेप, प्राइवेट पार्ट में डाली लोहे की रॉड; हालत गंभीर
पूर्व फौजी पर बेरहमी का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना ऊना के एक गांव की है. आरोप है कि एक सेवानिवृत्त सेना कर्मी (रिटायर्ड फौजी) ने बच्ची को अमरूद तोड़ते हुए पकड़ लिया. गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची के दोनों हाथ रस्सी से सीढ़ियों की रेलिंग पर बांध दिए और उसकी पिटाई की. वीडियो में बच्ची डरी-सहमी और कांपती हुई नजर आ रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि बच्ची इतनी सदमे में है कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही है. सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे "अमानवीय" करार देते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. स्थानीय लोगों ने भी एक छोटी सी गलती पर मासूम के साथ किए गए इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है.
A retired army man allegedly tied a young girl from a migrant family to a staircase and beat her with a stick after she plucked fruit, in a disturbing incident reported from Bahdala village of Una, Himachal Pradesh.
The situation came to light after Rohit Jaswal, a Navy officer,… pic.twitter.com/enf0tFkVXa
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) April 5, 2026
पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊना पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसी बीच, आरोपी का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने किए के लिए माफी मांगता दिख रहा है. हालांकि, लोगों का कहना है कि माफी से इस अपराध की गंभीरता कम नहीं हो जाती.
बाल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति बढ़ती संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मासूम बच्चों के साथ इस तरह की क्रूरता रोकने के लिए कानूनों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है. फिलहाल पुलिस बच्ची के परिजनों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है.













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