Twisha Sharma Death Case: पूर्व जज के घर डमी से हुआ क्राइम सीन का री-क्रिएशन; नोएडा में न्याय के लिए गूंजी आवाज, ऋषिकेश में विसर्जित हुईं अस्थियां
मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. सोमवार, 1 जून 2026 को सीबीआई की टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों—पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह—की मौजूदगी में भोपाल स्थित आवास पर डमी बॉडी का उपयोग कर अपराध स्थल को री-क्रिएट किया. इससे पहले मृतका की अस्थियों को ऋषिकेश में गंगा नदी में विसर्जित किया गया था.
भोपाल/नोएडा, 1 जून: नोएडा (Noida) की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की कथित दहेज हत्या और मानसिक प्रताड़ना के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा बेहद कड़ा कर दिया है. सोमवार को सीबीआई की एक विशेष टीम मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची. जांच एजेंसी ने मामले की कड़ियों को जोड़ने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एक मानव आकार की डमी बॉडी (Dummy Body) का उपयोग कर पूरे अपराध स्थल को री-क्रिएट किया. इस दौरान कस्टडी में लिए गए दोनों आरोपी—पूर्व जज गिरिबाला सिंह और मृतका के पति समर्थ सिंह—भी मौके पर मौजूद थे. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची सीबीआई; डमी के जरिए री-क्रिएट किया गया क्राइम सीन (Watch Videos)
नोएडा में न्याय के लिए मूक प्रदर्शन; भाई मेजर हर्षित ने जताया भरोसा
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर जनता और समाज में गहरा रोष देखा जा रहा है. रविवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा में त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के खिलाफ और न्याय की मांग को लेकर एक विशाल मूक विरोध प्रदर्शन (Silent Protest) आयोजित किया गया. समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस सभा में हिस्सा लेकर पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की.
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए त्विषा के भाई, मेजर हर्षित शर्मा ने कहा, "यह मामला अब सिर्फ त्विषा तक सीमित नहीं रह गया है. हम सब यहाँ उस एकजुटता को महसूस करने और प्रकट करने के लिए एकत्र हुए हैं, जो समाज हमें दे रहा है. समाज द्वारा इस सभा का आयोजन किया गया था और हम इसमें शामिल होने आए हैं. हमें न्यायपालिका और जांच पर पूरा भरोसा है कि सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा."
CBI ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में डमी बॉडी के साथ क्राइम सीन को रीक्रिएट किया
ऋषिकेश में गंगा नदी में विसर्जित की गईं त्विषा की अस्थियां
इससे पहले, 29 मई को 33 वर्षीय त्विषा शर्मा की अस्थियों को उत्तराखंड के ऋषिकेश में पवित्र गंगा नदी में विसर्जित किया गया था. भावुक क्षणों के बीच उनके पिता नवनिधि शर्मा ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी त्विषा का ऋषिकेश और गंगा नदी से बहुत गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव था, यही कारण है कि परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा और जुड़ाव का सम्मान करते हुए उनकी अस्थियां यहाँ विसर्जित कीं.
दिसंबर 2025 में हुई थी शादी; गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो नोएडा की निवासी त्विषा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह के साथ हुआ था. विवाह के कुछ महीनों बाद ही, 12 मई 2026 को भोपाल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत के तुरंत बाद त्विषा के मायके वालों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनके पति और सास (पूर्व जज) द्वारा उसे अतिरिक्त दहेज और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा था.
यह पूरा मामला देश में हाल ही में लागू की गई 'भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023' और 'दहेज निषेध अधिनियम, 1961' के कड़े प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है. शुरुआती जांच में स्थानीय स्तर पर खामियों के आरोपों के बाद इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया था.
कल खत्म हो रही है पांच दिनों की सीबीआई रिमांड
भोपाल जिला अदालत की विशेष न्यायाधीश शोभना भालावे ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को पांच दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेजा था, जिसकी अवधि मंगलवार, 2 जून को समाप्त हो रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि डमी री-क्रिएशन से मिले निष्कर्षों और आरोपियों से हिरासत के दौरान की गई सघन पूछताछ के विवरण को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. मंगलवार को दोनों आरोपियों को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है.