Twisha Death Case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनका बेटा समर्थ 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए, CBI ने रीक्रिएट किया था क्राइम सीन
ट्विशा शर्मा मौत मामला (Photo Credits: IANS)

भोपाल, 2 जून: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) की एक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Remand) में जेल भेज दिया है. यह आदेश केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा आरोपियों की आगे की कस्टोडियल रिमांड न मांगे जाने के बाद आया है. कोर्ट में ट्विशा के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने मीडिया को बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को भोपाल केंद्रीय जेल में अन्य कैदियों से अलग रखने का निर्देश दिया है और सुनवाई के बाद जेल वारंट जारी कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: पूर्व जज के घर डमी से हुआ क्राइम सीन का री-क्रिएशन; नोएडा में न्याय के लिए गूंजी आवाज, ऋषिकेश में विसर्जित हुईं अस्थियां

सीबीआई कस्टडी खत्म होने पर कोर्ट में पेशी; लगे मारपीट के आरोप

गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को पांच दिनों की सीबीआई कस्टडी पूरी होने के बाद मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया गया था. जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें अब आरोपियों से हिरासत में और पूछताछ की आवश्यकता नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया.

सुनवाई के दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने अदालत के समक्ष गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि ट्विशा शर्मा के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे एक वकील ने जबलपुर कोर्ट परिसर के भीतर उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ मारपीट की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की जान को खतरा है और उन्होंने कोर्ट से सुरक्षा की मांग की. इसके साथ ही गिरिबाला सिंह ने मामले के "मीडिया ट्रायल" पर भी कड़ी आपत्ति जताई और सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करने वाली मीडिया कवरेज को रोकने का आग्रह किया.

ट्विशा के वकील ने दी सीसीटीवी फुटेज जांचने की चुनौती

पूर्व जज के इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने अदालत से इन दावों की सत्यता को परखने के लिए कोर्ट परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच करने का आग्रह किया. उन्होंने कोर्ट से कहा, "यदि इस तरह की कोई भी अप्रिय घटना कोर्ट परिसर में घटित हुई है, तो उसकी वास्तविकता जानने के लिए फुटेज की बारीकी से जांच की जानी चाहिए."

सीबीआई ने 80 किलो के डमी के साथ रीक्रिएट किया क्राइम सीन

अदालत की यह कार्यवाही सीबीआई द्वारा भोपाल के बागमुगलिया स्थित उनके पारिवारिक आवास पर क्राइम सीन (अपराध स्थल) को दोबारा रीक्रिएट करने के ठीक एक दिन बाद हुई है. इसी आवास पर बीते 12 मई को पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया था.

घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों व गवाहों द्वारा दिए गए बयानों को सत्यापित करने के लिए जांचकर्ताओं ने एक अनूठा अभ्यास किया. इसके तहत ट्विशा के शरीर के वजन के बराबर, लगभग 80 किलोग्राम के एक डमी (कृत्रिम पुतले) का उपयोग करके पूरी घटना के क्रम को दोहराया गया और भौतिक साक्ष्यों का मिलान किया गया. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची सीबीआई; डमी के जरिए री-क्रिएट किया गया क्राइम सीन (Watch Videos)

छह महीने के भीतर मौत; परिवार ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह के साथ हुई थी. शादी के छह महीने के भीतर ही 12 मई को उनके वैवाहिक घर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. हालांकि शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन ट्विशा के मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार गंभीर दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था और उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है.

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने उस समय देश भर का ध्यान खींचा जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सामग्रियों का हवाला देते हुए पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को रद्द कर दिया था, जिसके बाद सीबीआई ने मामले की कमान अपने हाथों में ली.