Vikhroli Shocking Video: मुंबई के विक्रोली में दर्दनाक हादसा, गणतंत्र दिवस के दौरान 3 साल की बच्ची पर स्पीकर गिरने से मौत; वीडियो CCTV में कैद
(Photo Credits News 18)

Vikhroli Shocking Video:  मुंबई के विक्रोली  (Vikhroli) इलाके में गणतंत्र दिवस का जश्न उस समय मातम में बदल गया, जब एक भारी लाउडस्पीकर गिरने से तीन साल की मासूम बच्ची की जान चली गई. यह घटना सोमवार, 26 जनवरी 2026 को विक्रोळी के टागोर नगर स्थित आंबेडकर नगर इलाके में हुई. घटना का विचलित करने वाला सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है.

कैसे हुआ यह हादसा?

जानकारी के अनुसार, आंबेडकर नगर में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एक सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसके लिए सड़क के किनारे लोहे के स्टैंड पर बड़े और भारी साउंड स्पीकर्स लगाए गए थे. दोपहर के समय जब 3 साल की चिमुकली अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक एक भारी स्पीकर उसके ऊपर गिर गया. यह भी पढ़े:  VIDEO: रत्नागिरी में दर्दनाक सड़क हादसा, जगबुड़ी नदी के पुल से 100 फीट नीचे गिरी कार; अंतिम संस्कार में जा रहे मुंबई के 5 लोगों की मौत

विक्रोली में दर्दनाक हादसा

लापरवाही का बड़ा खुलासा

वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस हादसे के पीछे एक 'चिंधीवाला' (पुराने कपड़े या सामान इकट्ठा करने वाला) की लापरवाही बताई जा रही है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपने सिर पर सामान का भारी गट्ठर लेकर गली से गुजर रहा था. इसी दौरान उसका गट्ठर ऊपर से जा रही स्पीकर की वायर (तार) में फंस गया. खिंचाव के कारण स्टैंड पर रखा भारी स्पीकर सीधे नीचे खेल रही बच्ची के सिर पर जा गिरा.

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

स्पीकर का प्रहार इतना भीषण था कि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई. मौके पर मौजूद बच्ची के रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों ने उसे तुरंत उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्ची के सिर में गंभीर चोट आने और अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

विक्रोळी पुलिस ने इस मामले में 'आकस्मिक मृत्यु' (ADR) दर्ज की है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सार्वजनिक स्थान पर बिना उचित सुरक्षा और स्थिरता के इतने भारी स्पीकर क्यों लगाए गए थे. स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है और वे आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

सुरक्षा पर सवाल

यह घटना सार्वजनिक समारोहों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है. त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों पर सड़कों के किनारे लगाए जाने वाले भारी उपकरण अक्सर पैदल चलने वालों के लिए खतरा बन जाते हैं. प्रशासन ने इस मामले में गहन जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.