Odisha Bandh Today News: ओडिशा की प्रमुख विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और वामपंथी दलों ने आज, गुरुवार को 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है, जिसका असर कोने-कोने में देखने को मिल रहा है. हर तरफ सड़कें सुनसान हैं, दुकानें बंद हैं और बाजार ठप हैं. स्कूल-कॉलेजों से लेकर अदालतों तक, हर जगह सन्नाटा पसरा हुआ है. इस बंद के दौरान लोगों ने स्वेच्छा से अपने कारोबार बंद रखे और सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की. यह बंद बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा सौम्याश्री द्वारा आत्महत्या के विरोध में आयोजित किया गया है. छात्रा ने परिसर के अंदर खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
ये भी पढें: ओडिशा में छात्रा की मौत के मामले में कांग्रेस और अन्य दलों के बंद का आंशिक असर
राज्य सरकार के खिलाफ ओडिशा बंद
#WATCH | Odisha | Congress workers block the train tracks in Balasore as they observe Odisha Bandh against the state government over the death of a student of Fakir Mohan (Autonomous) College by self-immolation. pic.twitter.com/ap27tePO1e
— ANI (@ANI) July 17, 2025
कांग्रेस के नेतृत्व में राज्यव्यापी बंद
Rayagada, Odisha: The Congress-led statewide bandh over the death of a student through self immolation, brought Rayagada district to a standstill, affecting all 11 blocks. Shops remained closed and vehicular movement was disrupted pic.twitter.com/7zaNAaeRQd
— IANS (@ians_india) July 17, 2025
बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन बाधित
Bhubaneswar, Odisha: Passengers stranded at Bhubaneswar airport face transport shortage and high vehicle hire costs due to a bandh disrupting public transportation
A passengers says, "We are from Kerala, we just arrived in Odisha and we are facing a problem in getting the taxi… pic.twitter.com/wB4Lx75VO9
— IANS (@ians_india) July 17, 2025
राष्ट्रीय राजमार्ग हुआ ठप
बालेश्वर जिले में उतरेश्वर चौराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को बंद कर दिया गया, जिससे हजारों गाड़ियां कई घंटों तक फंसी रहीं. वहीं जलेश्वर के लखननाथ क्षेत्र में भी प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर यातायात को पूरी तरह रोक दिया.
रेल सेवा पर भी पड़ा असर
बालेश्वर रेलवे स्टेशन पर कुछ देर के लिए खड़गपुर-खुर्दा लोकल ट्रेन को रोक दिया गया. हालांकि मौके पर पहुंचे आरपीएफ प्रभारी दीपक कुमार के नेतृत्व में बल ने 10 मिनट के भीतर ही आंदोलनकारियों को प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया.
न्यायिक जांच की मांग
प्रदर्शनकारी जोर देकर कह रहे हैं कि सौम्याश्री के आत्मदाह मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके. उनका आरोप है कि पीड़िता ने कई बार सरकार से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई. अंततः सिस्टम की बेरुखी ने उसे खुद को आग के हवाले करने पर मजबूर कर दिया.










QuickLY