रिकॉर्ड! तमिलनाडु की महिला ने दान किया 300 लीटर ब्रेस्ट मिल्क, 1000 से ज्यादा बच्चों की बचाई जान
प्रतीकात्मक तस्वीर (Image Generated by AI)

तमिलनाडु के त्रिची जिले की एक महिला ने एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है. सेल्वा बृंदा नाम की इस महिला ने सरकारी मिल्क बैंक में 300 लीटर से ज़्यादा मां का दूध (ब्रेस्ट मिल्क) दान करके एक नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया है. उनके इस नेक काम से 1,000 से ज़्यादा नवजात बच्चों की जान बचाने में मदद मिली है.

इस नेक काम की शुरुआत कैसे हुई?

इसकी कहानी बृंदा की अपनी ज़िंदगी से जुड़ी है. साल 2023 में जब उनकी दूसरी बेटी का जन्म हुआ, तो उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती करना पड़ा. यह वो जगह होती है जहाँ गंभीर रूप से बीमार या कमजोर नवजात बच्चों को रखा जाता है.

अपनी बेटी के लिए बृंदा को पंप से दूध निकालना पड़ता था. उन्होंने देखा कि उनकी बेटी की ज़रूरत से ज़्यादा दूध बन रहा है. तब उन्होंने अस्पताल की इजाज़त से अपना अतिरिक्त दूध उसी यूनिट में भर्ती दूसरे ज़रूरतमंद बच्चों को देना शुरू कर दिया. बस यहीं से उन्हें लगातार ब्रेस्ट मिल्क दान करने की प्रेरणा मिली.

एक रिकॉर्ड और हज़ारों दुआएँ

बृंदा ने अप्रैल 2023 से फरवरी 2025 के बीच, यानी लगभग 22 महीनों तक यह सेवा की. उनका दान किया हुआ लगभग सारा दूध महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल के मिल्क बैंक में गया.

उनके इस निःस्वार्थ योगदान के लिए उनका नाम 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है.

नई माँओं के लिए बृंदा का संदेश

बृंदा ने कहा, "मेरे दूध से अब तक 1,000 से ज़्यादा बच्चों की जान बची है. मैं सभी नई माँओं से अपील करती हूँ कि अगर उनके पास अतिरिक्त दूध है तो उसे ज़रूर दान करें, भले ही वह थोड़ी मात्रा में ही क्यों न हो. उनका यह छोटा सा योगदान ICU में भर्ती कई बच्चों के लिए जीवनदान बन सकता है."

बृंदा की कहानी दिखाती है कि कैसे एक माँ का प्यार न सिर्फ अपने बच्चे के लिए, बल्कि हज़ारों और बच्चों के लिए वरदान बन सकता है.