गौ सेवा कर रहीं पद्मश्री विजेता जर्मन नागरिक को वीजा देने से किया इनकार, सुषमा स्वराज ने मांगी रिपोर्ट
गौ माता की आश्रयदात्री नाम से चर्चित फ्राइडरीके इरिना ब्रूनिंग को पिछले 23 सालों से मथुरा में अपनी गौशाला में 1200 गायों की देखभाल के लिए अथक कार्य करने के लिए जाना जाता है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने जर्मनी (Germany) की पद्म श्री पुरस्कार विजेता (Padma Shri Awardee) को वीजा (Visa) देने से इंकार करने के मामले में रिपोर्ट मांगी है. जर्मन नागरिक ने इस मुद्दे पर पुरस्कार लौटाने की चेतावनी दी है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, 61 साल की जर्मन नागरिक फ्रेडिरक इरिना ब्रूनिंग (Friederike Irina Bruning) को गोरक्षा (Gau Raksha) के लिए इस वर्ष पद्म श्री से नवाजा गया था. भारत (India) में और अधिक समय तक रूकने के लिए उनके वीजा विस्तार (Visa Extension) के आवेदन को विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा लौटाए जाने के बाद उन्होंने पुरस्कार लौटाने की धमकी दी थी. मीडिया रिपोर्ट पर सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘मेरे संज्ञान में इसे लाए जाने के लिए धन्यवाद. मैंने रिपोर्ट मांगी है.’
बता दें कि गौ माता की आश्रयदात्री नाम से चर्चित फ्राइडरीके इरिना ब्रूनिंग को पिछले 23 सालों से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा (Mathura) में अपनी गौशाला (Gaushala) में 1200 गायों की देखभाल के लिए अथक कार्य करने के लिए जाना जाता है. यह भी पढ़ें- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा- भारतीयों को लीबिया से निकालने में 17 समन्वयक करेंगे मदद
वह बर्लिन में अपनी संपत्ति के किराये से मिलने वाले पैसे से बेघर, लावारिस, बीमार, अंधी, बुरी तरह जख्मी घायलों की देखभाल करती हैं.
भाषा इनपुट