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Onion Price Hike: चेन्नई में प्याज की कीमतों में भारी उछाल, महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश से आपूर्ति ठप; थोक और खुदरा दाम और बढ़ने की चेतावनी

महाराष्ट्र में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण चेन्नई में प्याज की आवक आधी रह गई है. एशिया की बड़ी मंडियों में शुमार कोयमबेडु थोक बाजार में प्याज की कीमतों में 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिसके बाद व्यापारियों ने आने वाले दिनों में खुदरा दाम और अधिक बढ़ने की चेतावनी दी है.

Onion Price Hike: चेन्नई में प्याज की कीमतों में भारी उछाल, महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश से आपूर्ति ठप; थोक और खुदरा दाम और बढ़ने की चेतावनी

चेन्नई: तमिलनाडु (Tamil Nadu) की राजधानी चेन्नई (Chennai) में आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट (Budget) एक बार फिर बिगड़ने लगा है. महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक केंद्रों में जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण चेन्नई में बड़े प्याज (Big Onions) की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इसके परिणामस्वरूप स्थानीय बाजारों में प्याज की कीमतों में तीखा उछाल आया है. चेन्नई के सबसे बड़े कोयमबेडु थोक बाजार (Koyambedu Wholesale Market) के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र से आपूर्ति (सप्लाई) में सुधार नहीं हुआ, तो खुदरा बाजारों में प्याज के दाम आम जनता की पहुंच से बाहर हो सकते हैं.

आवक आधी रह जाने से थोक बाजार में मची हलचल

तमिलनाडु और उसके आस-पास के राज्यों के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक बड़े प्याज के मुख्य आपूर्तिकर्ता (प्रिंसिपल सप्लायर्स) हैं. कोयमबेडु मंडी के आढ़तियों के अनुसार, सामान्य दिनों में नासिक, पुणे और सोलापुर जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक केंद्रों से रोजाना 60 से 65 ट्रक प्याज चेन्नई पहुंचता था.

हालांकि, महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश के कारण फसलों को पहुंचे नुकसान और परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) बाधित होने की वजह से यह आवक घटकर अब प्रतिदिन केवल 30 से 35 ट्रक रह गई है. इस गंभीर आपूर्ति संकट के चलते थोक बाजार में पिछले कुछ ही दिनों के भीतर प्याज की कीमतों में लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम की सीधी वृद्धि दर्ज की गई है.

थोक में 35 और खुदरा में और महंगे हुए दाम; 60 रुपये तक पहुंचने के आसार

कोयमबेडु स्मॉल होलसेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुथुकुमार ने बाजार की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:

"जो प्याज थोक बाजार में पहले 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. खुदरा बाजारों (Retail Markets) में इसके दाम विभिन्न इलाकों और दुकानदारों के मार्जिन के आधार पर इससे भी काफी अधिक चल रहे हैं."

व्यापारियों का कहना है कि यदि महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज इसी तरह प्रतिकूल बना रहा, तो बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता जारी रहेगी. उन्होंने आगाह किया कि आपूर्ति में जल्द सुधार न होने की स्थिति में थोक भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं, जिसका सीधा असर खुदरा उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.

दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर; टमाटर और अन्य सब्जियां फिलहाल स्थिर

बाजार के जानकारों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) के सीजन के दौरान इस तरह का उतार-चढ़ाव कोई असाधारण बात नहीं है. इस मौसम में लगातार होने वाली बारिश के कारण खेतों में कटाई का काम रुक जाता है, खड़ी फसलें सड़ जाती हैं और उत्पादक क्षेत्रों से मुख्य बाजारों तक माल की ढुलाई काफी धीमी हो जाती है. हालांकि, व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे ही मौसम साफ होगा और ताजा फसलों की आवक सामान्य होगी, कीमतें फिर से स्थिर हो जाएंगी.

प्याज के विपरीत, कोयमबेडु बाजार में भरपूर आवक होने के कारण टमाटर के दाम फिलहाल काफी नीचे बने हुए हैं. मंडी में स्थानीय (देशी) टमाटर 10 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि हाइब्रिड किस्में 30 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बेची जा रही हैं. आलू समेत अन्य अधिकांश हरी सब्जियों की कीमतें और मांग भी पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं. बहरहाल, यदि प्याज की यह किल्लत अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहती है, तो चेन्नई के उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगना तय है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2026 04:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).