Sunetra Pawar Oath Ceremony: महाराष्ट्र में नया सियासी इतिहास, सुनेत्रा पवार आज लेंगी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ, चुनी गईं विधायक दल की नेता
(Photo Credits FB)

  Sunetra Pawar Oath Ceremony: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पैदा हुए नेतृत्व के संकट को पार्टी ने सुलझा लिया है. शनिवार दोपहर मुंबई के विधान भवन में हुई विधायक दल की बैठक में अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है.

वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे राजभवन में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. यह भी पढ़े:  Who Is Sunetra Ajit Pawar? सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की बन सकती हैं डिप्टी CM, जानें उनकी शिक्षा, समाजसेवा और उनसे जुड़ी अन्य अहम जानकारी

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मत फैसला

मुंबई में हुई राकपा (NCP) विधायकों की बैठक में दिलीप वळसे-पाटील ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका छगन भुजबल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन किया. पार्टी के सभी 40 विधायकों ने एक सुर में उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है. नेताओं का मानना है कि अजित पवार की विरासत को आगे ले जाने के लिए सुनेत्रा पवार सबसे उपयुक्त चेहरा हैं.

शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह

तय कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल आचार्य देवव्रत शाम 5 बजे राजभवन (या लोक भवन) में एक सादे समारोह में सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा और महायुति गठबंधन एनसीपी के इस फैसले का पूरी तरह समर्थन करते हैं.

महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार इस पद पर पहुंचने वाली महाराष्ट्र की पहली महिला नेता होंगी. हालांकि वे वर्तमान में राज्यसभा की सदस्य हैं और राज्य विधानसभा या परिषद की सदस्य नहीं हैं, लेकिन नियमों के अनुसार वे पद संभालने के 6 महीने के भीतर चुनाव लड़कर सदन की सदस्यता प्राप्त कर सकती हैं. चर्चा है कि वे बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं.

विभागों का बंटवारा और चुनौतियां

अजित पवार के पास वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे. सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने पास रख सकते हैं, जबकि सुनेत्रा पवार को आबकारी (Excise) और खेल जैसे विभाग दिए जा सकते हैं. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखने और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी.

अजित पवार का दुखद निधन

यह राजनीतिक घटनाक्रम 28 जनवरी को बारामती के पास हुए एक दुखद विमान हादसे के बाद शुरू हुआ, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था. पार्टी ने इस दुख की घड़ी में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला बहुत तेजी से लिया है ताकि राज्य प्रशासन और गठबंधन में स्थिरता बनी रहे.