ट्रंप ने कहा था डेड इकोनॉमी, लेकिन अमेरिका की रिपोर्ट ने बता दी सच्चाई; S&P ग्लोबल रेटिंग में भारत की  उछाल
PM Narendra Modi | PTI

नई दिल्ली: भारत की आर्थिक साख को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है. S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की लॉन्ग-टर्म सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-’ से बढ़ाकर ‘BBB’ कर दिया है. यह बदलाव 18 साल बाद हुआ है, पिछली बार जनवरी 2007 में रेटिंग बढ़ाई गई थी. साथ ही, शॉर्ट-टर्म रेटिंग को ‘A-3’ से बढ़ाकर ‘A-2’ कर दिया गया है और आर्थिक दृष्टिकोण को ‘स्टेबल’ बनाए रखा गया है. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि भारत की ये रेटिंग, उसकी तेज आर्थिक ग्रोथ और महंगाई को कंट्रोल करने वाले बेहतर पॉलिसी को दिखाता है. S&P का बयान ऐसे वक्‍त में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था और भारत पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था.

वित्त मंत्रालय का बयान

वित्त मंत्रालय ने इस अपग्रेड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया. मंत्रालय ने कहा,

“यह अपग्रेड दर्शाता है कि मोदी सरकार के तहत भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर, सक्रिय और लचीली है. देश ने फिस्कल कंसॉलिडेशन को प्राथमिकता दी है, साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और समावेशी विकास पर जोर दिया है.” सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आगे भी सुधार जारी रहेंगे.

S&P का आकलन

S&P ग्लोबल का कहना है कि भारत ने राजकोषीय स्थिरता को मजबूत करने का राजनीतिक संकल्प दिखाया है और साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर निवेश किया है. एजेंसी के मुताबिक अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले 50% टैरिफ का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर सीमित रहेगा.

भारत की अर्थव्यवस्था का लगभग 60% हिस्सा घरेलू खपत से आता है, जिससे वैश्विक झटकों का असर कम होता है. अमेरिका भले ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार हो, लेकिन इन टैरिफ का विकास दर पर बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

सरकार का कहना है कि भारत तेजी से विकास की राह पर है, सुधार जारी रहेंगे और वैश्विक निवेशकों के लिए भारत एक आकर्षक गंतव्य बना रहेगा. S&P का यह भरोसा न सिर्फ मौजूदा नीतियों की पुष्टि करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत आने वाले वर्षों में आर्थिक मोर्चे पर और मजबूती दिखा सकता है.