Silver Rate Today, January 2: नए साल की शुरुआत में चांदी की कीमतों में स्थिरता, जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के आज के रेट
भारत में 2 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में स्थिरता देखी गई. दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में भाव थोड़े ऊंचे स्तर पर हैं.
Title: Silver Rate Today, January 2: भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में स्थिरता दर्ज की गई. साल 2025 में जबरदस्त उतार-चढ़ाव और रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद, नए साल के पहले पूर्ण कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में सफेद धातु (White Metal) के भाव में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। आज राष्ट्रीय स्तर पर चांदी ₹2,37,900 प्रति किलोग्राम के भाव पर बनी हुई है. खुदरा बाजार में 100 ग्राम चांदी ₹23,790 और 10 ग्राम चांदी ₹2,379 पर बिक रही है.
प्रमुख शहरों में आज की चांदी की कीमतें
देश के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है. नीचे 2 जनवरी 2026 के ताजा भाव दिए गए हैं. यह भी पढ़े: 2025/11/03 Gold Silver Rate Today, October 21, 2025: दीवाली पर सोने के दाम में गिरावट, चांदी की कीमतें स्थिर; जानें आज का ताजा भाव
| शहर | चांदी का भाव (प्रति किग्रा) |
| दिल्ली | ₹2,37,900 |
| मुंबई | ₹2,37,900 |
| चेन्नई | ₹2,55,900 |
| बेंगलुरु | ₹2,37,900 |
| हैदराबाद | ₹2,55,900 |
| कोलकाता | ₹2,37,900 |
| अहमदाबाद | ₹2,37,900 |
| केरल | ₹2,55,900 |
बाजार में स्थिरता और रिकॉर्ड तेजी का माहौल
मौजूदा कीमतों में स्थिरता एक ऐसे समय में आई है जब हाल ही में बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव ₹2,54,000 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू चुके हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण कीमतों में मामूली सुधार देखा गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी अब एक विस्फोटक तेजी के बाद 'कंसोलिडेशन' यानी स्थिरता के चरण में प्रवेश कर रही है.
चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
विशेषज्ञों ने 2026 की शुरुआत में चांदी की मजबूती के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण बताए हैं:
-
औद्योगिक मांग (Industrial Demand): ग्रीन एनर्जी सेक्टर, विशेष रूप से सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति के कारण चांदी की औद्योगिक मांग में भारी इजाफा हुआ है.
-
वैश्विक आपूर्ति में कमी: चीन जैसे बड़े उत्पादकों द्वारा 1 जनवरी से निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के कारण वैश्विक बाजार में चांदी की उपलब्धता कम हुई है.
-
सुरक्षित निवेश: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) मान रहे हैं.
-
अमेरिकी फेडरल रिजर्व: बाजार की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीतियों पर टिकी हैं, जो सीधे तौर पर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करती हैं.
निवेश और भविष्य का अनुमान
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, हालांकि चांदी ने सोने की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है, लेकिन वर्तमान में बढ़ी हुई अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. औद्योगिक कमी के कारण लंबी अवधि के लिए चांदी का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन छोटी अवधि में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में मामूली गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.