Silver Rate Today, January 18, 2026: आसमान पर चांदी की कीमतें, 3 लाख के करीब पहुंचा भाव; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के रेट
चांदी का भाव (Photo Credits: Pexels)

Silver Rate Today, January 18, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में 'सफेद धातु' यानी चांदी (Silver) की चमक लगातार बढ़ती जा रही है. रविवार, 18 जनवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें (Silver Price) अपने उच्च स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं. पिछले कुछ सत्रों में आई भारी तेजी के बाद, चांदी अब 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने के बेहद करीब पहुंच गई है. वैश्विक बाजारों में स्थिरता और घरेलू स्तर पर औद्योगिक मांग के चलते कीमतों में यह मजबूती देखी जा रही है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता, पुणे, केरल और वडोदरा जैसे भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

भारत के अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण चांदी के भाव में अंतर देखने को मिल रहा है. प्रमुख शहरों के रेट्स इस प्रकार हैं: यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 17, 2026: रिकॉर्ड स्तर से लुढ़की चांदी, एक ही दिन में ₹3,200 की गिरावट; जानें दिल्ली-मुंबई से चेन्नई तक के ताजा भाव

प्रमुख शहरों में आज की कीमतें (प्रति किलोग्राम)

शहर चांदी की कीमत (प्रति किलो)
दिल्ली INR 2,95,000
मुंबई INR 2,95,000
चेन्नई INR 3,10,000
हैदराबाद INR 3,10,000
बेंगलुरु INR 2,95,000
अहमदाबाद INR 2,95,000
कोलकाता INR 2,95,000
पुणे INR 2,95,000
केरल INR 3,10,000
वड़ोदरा INR 2,95,000

तेजी के मुख्य कारण और बाजार विश्लेषण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें करीब 38.50 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही हैं. चांदी की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं. पहला, कीमती धातु के रूप में इसकी सुरक्षित निवेश मांग और दूसरा, सौर ऊर्जा (Green Energy) व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में इसकी बढ़ती औद्योगिक खपत.

साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भी घरेलू कीमतों को प्रभावित कर रही हैं.

दक्षिण भारत में कीमतें अधिक क्यों?

चेन्नई, हैदराबाद और केरल जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में चांदी की कीमतें अक्सर दिल्ली या मुंबई के मुकाबले ₹10,000 से ₹15,000 तक अधिक रहती हैं. इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में चांदी की उच्च मांग, स्थानीय आभूषण निर्माताओं की आवश्यकताएं और क्षेत्रीय स्तर पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क हैं.