Silver Rate Today, February 16, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 16 फरवरी 2026 को चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर बना रहा. बिकवाली के भारी दबाव के चलते चांदी ने इस साल का नया निचला स्तर छू लिया है. प्रमुख महानगरों में आज चांदी लगभग 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है. यह गिरावट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चांदी ने 2.75 लाख रुपये के मजबूत सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया है. गौरतलब है कि 1 फरवरी को चांदी 3.50 लाख रुपये के उच्च स्तर पर थी, जहां से अब तक इसमें 21 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है.
प्रमुख शहरों में आज की चांदी की दरें
भारत के अधिकांश थोक और खुदरा केंद्रों पर कीमतों में सुधार एक समान देखा गया है. जहां सोने में कुछ स्थिरता नजर आ रही है, वहीं चांदी फिलहाल अपना आधार ढूंढने में संघर्ष कर रही है.
| शहर | चांदी का आज का भाव (प्रति किग्रा) |
| दिल्ली | INR 2,74,900 |
| मुंबई | INR 2,74,900 |
| चेन्नई | INR 2,79,900 |
| हैदराबाद | INR 2,74,900 |
| बेंगलुरु | INR 2,74,900 |
| कोलकाता | INR 2,74,900 |
| अहमदाबाद | INR 2,74,900 |
नोट: ये कीमतें सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS और स्थानीय मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं.
क्यों गिर रहे हैं चांदी के दाम?
बाजार विश्लेषकों ने चांदी की कमजोरी के लिए वैश्विक और घरेलू कारकों के मेल को जिम्मेदार ठहराया है:
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डॉलर की मजबूती: उम्मीद से बेहतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है. इससे डॉलर मजबूत हुआ है और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए चांदी महंगी हो गई है.
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मुनाफावसूली: जनवरी में चांदी में 47 प्रतिशत की भारी तेजी आई थी, जिसके बाद फरवरी में निवेशक लगातार मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं.
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मार्जिन आवश्यकताएं: वैश्विक एक्सचेंजों ने हाल ही में चांदी वायदा के लिए मार्जिन बढ़ा दिया है, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है.
ऐतिहासिक प्रदर्शन और तकनीकी आउटलुक
आज की 2,74,900 रुपये की कीमत जनवरी के अंत में छुए गए 4,10,000 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर से बहुत नीचे है. हालांकि सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग के कारण चांदी की औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन तकनीकी रूप से अल्पकालिक दृष्टिकोण 'तटस्थ से मंदी' (Neutral to Bearish) का बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगला मनोवैज्ञानिक स्तर 2.70 लाख रुपये हो सकता है.
निवेशकों के लिए रणनीति
खुदरा खरीदारों के लिए, मौजूदा गिरावट को डिजिटल सिल्वर या सिल्वर ईटीएफ (ETF) के माध्यम से 'कॉस्ट एवरेजिंग' के अवसर के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, उच्च अस्थिरता को देखते हुए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि 'गिरावट पर खरीदारी' (Buy on Dips) की रणनीति कम से कम 12 से 18 महीनों के नजरिए से अपनानी चाहिए.













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