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Andhra Pradesh RIMS Hospital: आंध्र प्रदेश के रिम्स अस्पताल की बड़ी लापरवाही, जमीन पर पड़े कोरोना मरीज के शव को कुत्ते नोचते हुए दिखे

कोरोना महामारी को लेकर पूरा देश परेशान है. इस बीच अस्पतालों द्वारा लापरवाही का मामला भी सामने आ रहा है. कुछ इसी तरफ से एक मामला आंध्र प्रदेश के एक सरकारी से सामने आया है. जहां अस्पताल में शेल्टर में पड़े कोरोना के मरीज का शव जमीन पर पड़ा हुआ है और उसके चेहरे को कुत्ते चबा रहे हैं. शव पर मक्खियां भी भिनभिना रही हैं. लापरवाही का यह मामला आंध्र प्रदेश के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की है

Andhra Pradesh  RIMS Hospital: आंध्र प्रदेश के रिम्स अस्पताल की बड़ी लापरवाही,  जमीन पर पड़े कोरोना मरीज के शव को कुत्ते नोचते हुए दिखे
मृतक (Photo Credits Twitter)

हैदराबाद: कोरोना महामारी को लेकर पूरा देश परेशान है. इस बीच अस्पतालों द्वारा लापरवाही का मामला भी सामने आ रहा है. कुछ इसी तरफ से एक मामला आंध्र प्रदेश(Andhra Pradesh) के ओंगोल के एक सरकारीअस्पताल से सामने आया है. जहां अस्पताल में शेल्टर में पड़े कोरोना के मरीज का शव जमीन पर पड़ा हुआ है और उसके चेहरे को कुत्ते चबा रहे हैं. शव पर मक्खियां भी भिनभिना रही हैं. लापरवाही का यह मामला आंध्र प्रदेश के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की है. मृतक का शव जहां पड़ा हुआ पाया गया वह बेघरों और गरीबों द्वारा आश्रय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

मृतक के साथ कुत्तों द्वारा नोचे जाने का यह वीडियो आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू ने  शेयर करते हुए ट्वीट किया है.  नायडू ने ट्वीट में लिखा, "यह दिल तोड़ देने वाला दृश्य है! ओंगोल जीजीएच में 2 दिनों तक एक मरीज का शव पड़ा रहा. कुत्तों ने उसके शरीर को नोचकर खा लिया. यह मानवीय गरिमा का उल्लंघन है और आंध्र प्रदेश सरकार की विफलता है. मेरे पास इसकी निंदा करने के लिए शब्द नहीं है." यह भी पढ़े: हैदराबाद: श्मशान में कोविड-19 मरीज के आधे जले हुए शव को खाता दिखा कुत्ता, दिल दहला देने वाला वीडियो हुआ वायरल (Watch Video)

वहीं इस घटना पर अस्पताल के  अधीक्षक डॉ श्रीरामुलु ने सफाई में कहा कि मृतक जिसका नाम  कांता राव है. उसे  5 अगस्त को रिम्स लाया गया था. लेकिन उन्हें कभी भी ‘इन-पेशेंट’ के रूप में अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था. अभी यह साफ नहीं है कि अस्पताल ने उन्हें भर्ती क्यों नहीं किया और बिना किसी उपचार के कम से कम पांच दिनों तक शेल्टर में सोने के लिए मजबूर क्यों किया गया. इसको लेकर  जांच की जा रही है. वहीँ परिवार वाले भी अस्पताल के इस लापरवाही को लेकर विरोध जताने के बाद मामले की जांच शुरू की गई है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2020 06:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).