नई दिल्ली: बालगृह का गार्ड बरी, सात वर्षीय HIV पीड़ित बच्चे के साथ कुकर्म का था आरोप
बालगृह के एक सुरक्षा गार्ड को एचआईवी पीड़ित सात वर्षीय बच्चे से बार-बार अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया....
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बालगृह के एक सुरक्षा गार्ड को HIV पीड़ित सात वर्षीय बच्चे से बार-बार अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया और कहा कि स्थिति एक ‘‘अनसुलझी पहेली रही.’’ न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया जिसमें उसने व्यक्ति को 10 वर्ष की सजा सुनायी थी. अदालत ने कहा कि उसे ऐसे ‘‘अनसुलझे’’ अपराध के लिए दोषी ठहराना ‘‘न्याय को उपहास का विषय बनाना’’ होगा. उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ व्यक्ति की अपील मंजूर करते हुए कहा, ‘‘.
इस अदालत का विचार है कि वर्तमान मामले में अभियोजन द्वारा पेश सबूत, जिस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने भरोसा किया वह अपीलकर्ता के खिलाफ यह दोष साबित करने के लिए अपर्याप्त है कि उसने बच्चे का यौन उत्पीड़न किया.’उच्च न्यायालय ने अपने 69 पृष्ठों के अपने फैसले में कहा कि बच्चा एचआईवी संक्रमित था और झारखंड का रहने वाले आरोपी अमरदीप कुजूर की एचआईवी जांच नकारात्मक आयी.
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अदालत ने निचली अदालत के इस रूख से असहमति जतायी कि यह जरूरी नहीं कि एचआईवी वायरस यौन सम्पर्क के प्रत्येक मामले में एक साथी से दूसरे में जाए. बच्चे ने आरोप लगाया था कि बालगृह में उसका कई बार यौन उत्पीड़न किया गया. बच्चे का पिता जेल में था और उसकी मां की मृत्यु एचआईवी से हो गई थी. उसकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं था इसलिए उसे बाल गृह भेज दिया गया था. व्यक्ति ने दावा किया था कि उसने पीड़ित का यौन उत्पीड़न नहीं किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2018 08:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

