Wife Swapping: गुजरात में 'वाइफ स्वैपिंग' का सनसनीखेज खुलासा, सूरत के युवक पर पत्नी का गंभीर आरोप, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से लगाई गुहार (Watch Video)
वाइफ स्वैपिंग (Photo Credits: X)

सूरत: गुजरात (Gujarat) के मेट्रो शहरों में सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए पैर पसार रहे 'वाइफ स्वैपिंग' (Wife Swapping) (पत्नियों की अदला-बदली) के एक कथित नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. मूल रूप से राजकोट (Rajkot) की रहने वाली और सूरत (Surat) में ब्याही एक महिला ने मीडिया के सामने आकर अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि शादी के महज तीन महीने बाद ही उसके पति ने उस पर कपल स्वैपिंग ग्रुप में शामिल होने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सभ्य समाज और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. यह भी पढ़ें: Noida: नोएडा में पार्किंग विवाद में 77 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, आईआईटी पासआउट पड़ोसी इंजीनियर गिरफ्तार

इनकार करने पर मारपीट और प्रताड़ना

पीड़ित महिला (बदला हुआ नाम- सीमा) ने बताया कि उसका विवाह जुलाई २०२२ में सूरत के एक युवक से हुआ था. विवाह के तीन महीने बाद, यानी अक्टूबर में उसके पति ने उसके सामने कपल स्वैपिंग का प्रस्ताव रखा. पति का तर्क था कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, नए लोगों से जान-पहचान होगी और जीवन में रोमांच आएगा.

सीमा ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और कड़ा विरोध जताया. आरोप है कि इनकार करने के बाद से ही पति और ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसके साथ मारपीट की गई. तंग आकर महिला ने २०२३ में सूरत पुलिस में घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। वर्तमान में यह मामला अदालत और परिवार न्यायालय (Family Court) में विचाराधीन है.

महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे इस कॉन्सेप्ट से परिचित कराया

सोशल मीडिया पर कैसे काम करता है यह नेटवर्क?

महिला ने इस कथित रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों का भी खुलासा किया है. सीमा के अनुसार, इस खेल में शामिल लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक) पर फर्जी नामों से अकाउंट बनाते हैं और जोड़ों (Couples) के रूप में अपनी चुनिंदा तस्वीरें अपलोड करते हैं.

इसके बाद चैट के जरिए बातचीत शुरू होती है, जो वीडियो कॉल और फिर सार्वजनिक जगहों जैसे कॉफी शॉप या होटल में मुलाकातों तक पहुंचती है. महिला का दावा है कि इस नेटवर्क में अमीर और मध्यमवर्गीय, दोनों ही परिवारों के लोग शामिल हैं और हर महीने ऐसी कई गुप्त बैठकें आयोजित की जाती हैं. महिला ने कहा कि उसके पास इस संबंध में चैट रिकॉर्ड और कई पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों के सामने पेश करेगी.

गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से हस्तक्षेप की मांग

पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. महिला ने कहा, "समाज में यह बुराई बहुत तेजी से फैल रही है और हंसते-खेलते घर बर्बाद कर रही है. कई बहन-बेटियां इसमें फंसी हुई हैं, लेकिन लोकलाज के डर से किसी से कुछ कह नहीं पातीं. मैं गृह राज्य मंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहती हूं ताकि इस नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके."

क्या कहता है भारतीय कानून?

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय कानून संहिता (IPC या BNS) में 'कपल स्वैपिंग' को लेकर कोई सीधा या विशिष्ट कानून नहीं है, यदि यह वयस्कों की आपसी सहमति से किया जा रहा हो.  हालांकि, यदि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध इस तरह की गतिविधियों के लिए मजबूर किया जाता है, डराया-धमकाया जाता है, ब्लैकमेल किया जाता है या मारपीट की जाती है, तो यह घरेलू हिंसा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. पुलिस फिलहाल महिला के आरोपों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है.