Who is Samrat Chaudhary: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी ने सौंपी प्रदेश की कमान, जानें उनके राजनीतिक सफर के बारे में
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था.उन्हें 'राकेश कुमार' के नाम से भी जाना जाता है. वे एक अत्यंत प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता, शकुनी चौधरी, बिहार के एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता रहे हैं,
जन्म और राजनीतिक विरासत
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था.उन्हें 'राकेश कुमार' के नाम से भी जाना जाता है. वे एक अत्यंत प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता, शकुनी चौधरी, बिहार के एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता रहे हैं, जो सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं. उनकी मां, पार्वती देवी, भी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रही हैं. इस पारिवारिक पृष्ठभूमि ने उन्हें बहुत कम उम्र से ही राजनीति और जमीनी मुद्दों की समझ प्रदान की. यह भी पढ़े: Samrat Chaudhary Bihar New CM: सम्राट चौधरी बिहार के होंगे नए मुख्यमंत्री, BJP विधायक दल के नेता चुने गए, कल लेंगे सीएम पद की शपथ
तीन दशक लंबा राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर तीन दशकों से अधिक पुराना है और उन्होंने अपनी यात्रा विभिन्न दलों के माध्यम से तय की है:
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शुरुआती दौर: उन्होंने 1990 के दशक में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ अपने करियर की शुरुआत की और राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री (1999) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया.
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पार्टी बदलाव: आरजेडी से अलग होने के बाद, वे जनता दल (यूनाइटेड) से भी जुड़े रहे। 2018 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ.
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भाजपा में उभार: भाजपा में आने के बाद, वे तेजी से पार्टी के पदानुक्रम में ऊपर चढ़े। 2023 में उन्हें भाजपा की बिहार इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने पार्टी के सामाजिक आधार को मजबूत करने का कार्य किया। 2024 में एनडीए में नीतीश कुमार की वापसी के बाद, वे राज्य के उपमुख्यमंत्री बने.
विधायक और चुनावी क्षेत्र
सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार विधानसभा के सदस्य हैं। उनका मुख्य चुनावी क्षेत्र मुंगेर जिले का तारापुर (Tarapur) रहा है, जहां से वे और उनका परिवार कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित होने के बाद, उनकी सक्रियता ने उन्हें राज्य के ओबीसी समाज के एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया है.
अब सम्राट चौधरी के कंधों पर बिहार के विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की जिम्मेदारी होगी। कल, 15 अप्रैल 2026 को उनके शपथ ग्रहण के साथ, राज्य में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होगी। उनके नेतृत्व में भाजपा और एनडीए गठबंधन किस तरह से राज्य की समस्याओं का समाधान करते हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा.