साहित्य अकादेमी पुस्कार विजेता कवि मंगलेश डबराल नहीं रहे
साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता (Sahitya Akademi Award Winner) वरिष्ठ कवि मंगलेश डबराल का बुधवार की शाम यहां के एम्स में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. कुछ दिनों पहले कोरोना से संक्रमित हुए थे.
नई दिल्ली, 10 दिसंबर : साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता (Sahitya Akademi Award Winner) वरिष्ठ कवि मंगलेश डबराल का बुधवार की शाम यहां के एम्स में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. कुछ दिनों पहले कोरोना से संक्रमित हुए थे.
उनका इलाज गाजियाबाद (Ghaziabad) के वसुंधरा (Vasundhara) स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था. हालत बिगड़ने पर उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. डबराल का जन्म 14 मई, 1949 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के काफलपानी गांव में हुआ था. उन्होंने उच्च शिक्षा देहरादून में प्राप्त की. यह भी पढ़ें : दिल्ली-एनसीआर में सरकारी संस्थाओं ने ही तोड़े प्रदूषण से जुड़े नियम, CPCB ने भेजा नोटिस
वरिष्ठ कवि साहित्यि पत्रिका 'पूर्वाग्रह'(Prejudice) के सहायक संपादक और दैनिक अखबार 'जनसत्ता' के साहित्य संपादक रह चुके हैं. फिलहाल वह नेशनल बुक ट्रस्ट से जुड़े हुए थे.
मंगलेश डबराल के चर्चित पांच काव्य संग्रह हैं - 'पहाड़ पर लालटेन', 'घर का रास्ता', 'हम जो देखते हैं', 'आवाज भी एक जगह है' और 'नए युग में शत्रु'. उनके निधन से हिंदी साहित्य जगत में शोक की लहर पसर गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 10, 2020 05:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

