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सचिन तेंदुलकर को NCP चीफ शरद पवार ने दी सलाह, कहा- दूसरे क्षेत्र के बारे में बोलने से पहले बरतें सावधानी

शरद पवार ने सचिन तेंदुलकर को दी नसीहत- दूसरे क्षेत्र के बारे में बोलने से पहले बरतें सावधानी

सचिन तेंदुलकर को NCP चीफ शरद पवार ने दी सलाह, कहा- दूसरे क्षेत्र के बारे में बोलने से पहले बरतें सावधानी
शरद पवार व सचिन तेंदुलकर (Photo Credits ANI & Facebook)

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी हैं. किसान आंदोलन को लेकर भारत के साथ ही विदेश में भी चर्चा तेज हो गई है. इसी कड़ी में अब क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के ट्वीट को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) का एक बयान आया है. उन्होंने अपने बयान में तेंदुलकर को सलाह देते हुए कहा कि भारतीय हस्तियों द्वारा उठाए गए स्टैंड पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ऐसे में मैं सचिन तेंदुलकर को सलाह दूंगा कि वे किसी अन्य क्षेत्र के बारे में बोलते समय सावधानी बरतें.

दरअसल हॉलीवुड पॉप स्टार रिहाना, क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत कई विदेशी हस्तियों ने किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किए. जिसमें उन्होंने किसानों और आंदोलन का समर्थन किया. इन प्रमुख हस्तियों के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर अपनी बात रखी, उन्होंने लिखा कि, भारत की संप्रभुता से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता है. बाहरी ताकतें देख सकती हैं, लेकिन इसमें हिस्सा नहीं ले सकती हैं. भारतीय भारत को जानते हैं और भारत को लेकर फैसले ले सकते हैं. आइए एक देश के तौर पर हम एकजुट रहें. यह भी पढ़े: सचिन तेंदुलकर पर भड़के RJD के शिवानंद तिवारी, कहा- उन्हें भारतरत्न देना ‘भारतरत्न’ का अपमान

इसके साथ ही शरद पवार ने किसानों के आदोलन को लेकर कहा, यदि पीएम, रक्षा मंत्री और नितिन गडकरी जैसे सरकार के वरिष्ठ नेता आगे आते हैं और आंदोलनकारी किसानों से बात करते हैं, तो एक समाधान मिल सकता है. अगर वरिष्ठ नेता पहल करते हैं, तो किसान नेताओं को भी उनके साथ बैठने की जरूरत है.

बता दें कि  सचिन तेंदुलकर के ट्वीट के बाद उनका विरोध होने लगा था. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने जहां सचिन तेंदुलकर के इस ट्वीट की आलोचना की. वहीं आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी कहा, "उन्हें भारत रत्न से नवाजा गया है, लेकिन वे विज्ञापन करते रहते हैं. वह एक मॉडल हैं. यह भारत रत्न का अपमान है कि सचिन तेंदुलकर जैसे लोगों को इस तरह के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है. आज लोगों ने ट्विटर के माध्यम से राजनीति शुरू कर दी है. ऐसे लोगों से भारत रत्न  वापस ले लेना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2021 10:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).