सबरीमाला विवाद: ये सेक्स टूरिज्म की जगह नहीं, भगवान अयप्पा का निवास स्थान है- पूर्व अध्यक्ष देवास्वोम बोर्ड
प्रदर्शनकारी लगातार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहें हैं. इसी बीच त्रावणकोर देवासम बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट पर्याय गोपाल कृष्णन ने कहा 'यह एजेंडा चलाया जा रहा है. इसमें पुलिस भी शामिल है. यह सेक्स टूरिज्म की जगह नहीं है. यह भगवान अयप्पा का निवास स्थान है.
नई दिल्ली: सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. मंदिर में प्रवेश के लिए पहुंचने वाली महिलाएं लौटाई जा रही हैं, साथ ही उनके घर से तोड़-फोड़ की खबरे भी सामने आ रही हैं. बुधवार को मंदिर के कपाट खुलने के तीसरे दिन बाद भी लगातार यह प्रदर्शन जारी है. इसी बीच शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के लिए जा रहीं पत्रकार कविता जक्कल और महिला कार्यकर्ता रेहाना फातिमा मंदिर से लौट चुकी हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश नहीं मिल रहा है.
प्रदर्शनकारी लगातार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहें हैं. इसी बीच त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट पर्याय गोपाल कृष्णन ने कहा 'यह एजेंडा चलाया जा रहा है. इसमें पुलिस भी शामिल है. यह सेक्स टूरिज्म की जगह नहीं है. यह भगवान अयप्पा का निवास स्थान है.'
This is agenda driven. Police is also involved in it...This is not a place for sex tourism. This is the abode of lord Ayappa: Prayar Gopalakrishnan, former Travancore Devaswom Board President #SabarimalaTemple #Kerala pic.twitter.com/XiAJgRtRFf
— ANI (@ANI) October 19, 2018
शुक्रवार को भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच हेलमेट पहनकर सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा ने पत्रकार कविता जक्कल के साथ मंदिर में दाखिल होने की कोशिश की. मगर पुजारियों और प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध के चलते गर्भगृह से बिना दर्शन के वापिस लौटना पड़ा. सबरीमाला विवाद: उग्र प्रदर्शन के बाद बिना दर्शन किए लौटी महिलाएं, पुलिस बैकफुट पर
People, not the devotees, who want to disrupt peace didn't allow us to enter. I want to know what was the reason. Tell me, in which way one needs to be a devotee. You tell me that first & then I will tell you if I'm a devotee or not: Woman activist Rehana Fatima #SabarimalaTemple pic.twitter.com/SRtHyllcuQ
— ANI (@ANI) October 19, 2018
वहीं महिला कार्यकर्ता रेहाना फातिमा ने पंबा वापस आने के बाद कहा, श्रद्धालु नहीं बल्कि आम लोग शांति भंग करना चाहते हैं और महिलाओं के प्रवेश को रोक रहे हैं. मैं यह जानना चाहती हूं कि इसके पीछे कारण क्या था. मुझे बताइए कि किस हालत में कोई श्रद्धालु माना जाएगा. अगर आप मुझे श्रद्धालु होने का मतलब बता देंगे तो मैं ये बता पाऊंगी कि मैं क्या हूं. क्वान के फाउंडर अनिर्बान ने की खुदकुशी की कोशिश, सेक्सुअल हैरेसमेंट का लगा था आरोप
I don't know what happened to my children. My life is also in danger. But they (police) have said that they will provide protection. That is why I am going back: Woman activist Rehana Fatima #SabarimalaTemple pic.twitter.com/UnmHuLugl1
— ANI (@ANI) October 19, 2018
रेहाना फातिमा ने कहा, मुझे नहीं पता कि मेरे बच्चों का क्या हुआ. मेरी जिंदगी भी खतरे में है लेकिन पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया है. इसलिए मैं वापस जा रही हूं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2018 04:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

