First Robotic Bypass Surgery: नागपुर के सरकारी हॉस्पिटल में हुई देश की पहली रोबोटिक बायपास सर्जरी, मेडिकल और सुपर स्पेशलिटी के डॉक्टरों ने महिला की जान बचाई
Credit-(Pixabay)

नागपुर, महाराष्ट्र: नागपुर के मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के नाम एक बड़ी उपलब्धि शामिल हुई है. देश में मेडिकल पहला ऐसा सरकारी हॉस्पिटल बन गया है, जहां पहली रोबोटिक बायपास सर्जरी सफलता पूर्वक की गई है. बताया जा रहा है ये सर्जरी सरकारी हॉस्पिटल में पहली बार हुई है. ये जानकारी डीन राज डॉ. राज गजभिये ने दी. इस संबंध में आयोजित पत्र परिषद में डीन डॉ. राज गजभिये ने बताया कि मेडिकल देश का पहला ऐसा सरकारी हॉस्पिटल है, जहां रोबोट के माध्यम से सालभर में सर्वाधिक सर्जरी की गई है. नियमित होने वाली बायपास सर्जरी में कई तरह की समस्याएं आती हैं. रोबोटिक में यह समस्या नहीं आती.

सुपर स्पेशलिटी के सीवीटीएस विभाग प्रमुख डॉ. सतीश दास ने रोबोटिक बायपास सर्जरी की.उन्होंने बताया कि सामान्य बायपास में मरीजों की छाती को बड़ा चीरा लगाना पड़ता है, जबकि रोबोटिक में की-होल के माध्यम से सर्जरी की जाती है. यह एआई पद्धति की एडवांस सर्जरी सिस्टम है. इसमें मात्र 10 एमएम का चीरा लगाकर रोबोट के माध्यम से भीतर सर्जरी की जाती है.इसमें रक्त सुरक्षा, दर्द व रक्तस्राव कम होता है. इसके अलावा संक्रमण  का डर भी नहीं होता है और मरीज की रिकवरी जल्दी होती है.ये भी पढ़े:Vagina Reconstruction: मुंबई में डॉक्टरों ने किया कमाल, रोबोटिक सर्जरी से 22 साल की महिला के प्राइवेट पार्ट को किया रिकंस्ट्रस्ट

नागपुर की महिला की हुई बायपास सर्जरी

नागपुर के बड़ा ताजबाग़ में रहनेवाली 55 साल की शाहनाज बेगम 26 जनवरी को अपने परिवार के साथ हवाई करतब देखने गई थीं.इसी बीच अचानक उनके सीने में तेज दर्द महसूस हुआ. इसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया.वहां डॉक्टरों द्वारा की गई  जांच से पता चला कि उनका हार्ट केवल 35 प्रतिशत ही पंप कर रहा था.यह भी देखा गया कि हार्ट ब्लॉकेज था.हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भेज दिया गया. वहीं, कार्डियक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सतीश दास ने जांच की और कहा कि बायपास करना जरुरी है.

हॉस्पिटल में हुआ सफल ऑपरेशन

डॉ. राज गजभिये ने रोबोटिक बायपास सर्जरी की महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि आठ दिन पहले मेडिकल हॉस्पिटल में सर्जरी की गई थी और हार्ट को पूरी तरह से नहीं खोला गया था.रोबोटिक सर्जरी 10 मिमी के छेद के माध्यम से की गई, जिससे रक्तस्राव कम हो गया और कम टांके लगे.उन्होंने यह भी कहा कि यह सर्जरी देश के किसी सरकारी हॉस्पिटल में की गई पहली सर्जरी है.रोबोटिक सर्जरी के लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों में 15 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल में ये फ्री में हो रही  है.इस सर्जरी में डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ. बटकल, डॉ. रेवतकर ने अहम भूमिका निभाई. इस बात की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई, जिसमें डॉ. सतीश दास, डॉ. अविनाश गावंडे, डॉ. देवेन्द्र माहौर और डॉ.अपूर्व पावे मौजूद थे.

जल्द ही रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होगा

इस दौरान जानकारी दी गई कि किडनी ट्रांसप्लांटेशन मेडिकल हॉस्पिटल जल्द ही रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट करेगा.डॉ. गजभिये ने कहा, रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किडनी ट्रांसप्लांट से मरीजों को कम दर्द और सटीक सर्जरी में मदद मिलेगी. राज गजभिये ने कहा कि यह तकनीक रोगी की देखभाल और सर्जरी के बाद पुनर्वास की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगी.