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Farmers Protest: गाजीपुर बॉर्डर पर हुआ दंगल, किसानों के समर्थन में उतरे पहलवान

कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के सम्मान में रविवार को 'संयुक्त किसान मंच' के तत्वाधान में किसान केसरी दंगल का आयोजन किया गया. किसानों के सम्मान में आयोजित इस कुश्ती दंगल में करीब 50 महिला पहलवान और पुरूष पहलवान शामिल हुए.

Farmers Protest: गाजीपुर बॉर्डर पर हुआ दंगल, किसानों के समर्थन में उतरे पहलवान
किसानो का प्रदर्शन (फोटो क्रेडिट्स: ANI)

गाजीपुर बॉर्डर (नई दिल्ली/उप्र), 10 जनवरी: कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर डटे हुए हैं. गाजीपुर (Gazipur) बॉर्डर पर किसानों के सम्मान में रविवार को 'संयुक्त किसान मंच' के तत्वाधान में किसान केसरी दंगल का आयोजन किया गया. किसानों के सम्मान में आयोजित इस कुश्ती दंगल में करीब 50 महिला पहलवान और पुरूष पहलवान शामिल हुए. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) के मार्गदर्शन में ये दंगल कराया गया. बॉर्डर पर आई महिला पहलवान मीनाक्षी रोहल (Meenakshi Rohal) ने आईएएनएस को बताया, किसानों के समर्थन में हम यहां आए हुए हैं. मैं बीते 3 सालों से कुश्ती कर रही हूं.

बॉर्डर पर दंगल के आयोजक सदस्य शहीद बचन सिंह (Shahid Bachan Singh) कुश्ती अखाड़े के संस्थापक चौधरी युधिष्ठिर (Choudhary Yudhishthir) पहलवान और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व पूर्व कुश्ती खिलाड़ी सुरेंद्र कालीरमन (Surendra Kaalirman) मौजूद रहे. युधिष्ठिर पहलवान ने आईएएनएस को बताया, हम पहले किसान के बेटे हैं, उसके बाद पहलवान हैं. किसानों की लड़ाई में अब हम भी उतर गए हैं. हम सभी पहलवान सरकार के इन काले कानूनों का विरोध करते हैं.यह भी पढ़े: किसान आन्दोलन: पंजाब विवि के 35 छात्रों का पुलिस ज्यादतियों की जांच के लिये प्रधान न्यायाधीश को खुला पत्र.

दंगल में पश्चिम उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh), पंजाब (Punjab), दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana) और राजस्थान (Rajasthan) के भारत केसरी पहलवानों को कुश्ती लड़ने के लिए आमंत्रित किया गया था. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने आईएएनएस को बताया, ये सभी पहलवान हमारे समर्थन में आए हुए हैं. इसलिए इस दंगल का आयोजन किया गया है. देश का हर वर्ग हम किसानों के साथ है. बॉर्डर पर दंगल में बड़े पहलवानों को 5 मिनट का समय और छोटे पहलवानों को 3 मिनट का समय दिया जाएगा. इसी समय में हार जीत का फैसला होगा. वहीं हर वजन के पहलवानों को कुश्ती आयोजित की गई है.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत (Naresh Tikait) भी इस आयोजन में शामिल हुए. दरअसल सरकार और किसानों के बीच 8वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही. किसान अपने मांगों पर अड़े हुए हैं. अगली बैठक 15 जनवरी को आयोजित की जाएगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बैठक महत्वपूर्ण होगी और किसी न किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 10, 2021 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).