Delhi Blast: लोगों के फेफड़ों और पेट तक को चीर गया धमाका, मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
डॉक्टरों ने बताया कि मृतकों के शरीर पर गंभीर आंतरिक चोटें, कई जगहों पर हड्डियों के फ्रैक्चर और सिर पर गहरे घाव पाए गए हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, धमाके का दबाव इतना तेज था कि कुछ लोगों के फेफड़े, कानों के पर्दे और पेट के अंग तक बुरी तरह फट गए.
नई दिल्ली: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके ने न सिर्फ शहर बल्कि पूरे देश को दहशत में डाल दिया. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उस भयावह मंजर की सच्चाई उजागर कर दी है. डॉक्टरों ने बताया कि मृतकों के शरीर पर गंभीर आंतरिक चोटें, कई जगहों पर हड्डियों के फ्रैक्चर और सिर पर गहरे घाव पाए गए हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, धमाके का दबाव इतना तेज था कि कुछ लोगों के फेफड़े, कानों के पर्दे और पेट के अंग तक बुरी तरह फट गए. कई पीड़ितों की मौत अत्यधिक खून बहने (Excessive Bleeding) के कारण हुई.
शरीर पर नहीं मिले धातु के टुकड़े
फॉरेंसिक टीम ने बताया कि किसी भी शव या कपड़ों पर धातु के टुकड़े या छर्रे नहीं मिले, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह धमाका पारंपरिक फ्रैगमेंटेशन डिवाइस से नहीं किया गया था.
इससे जांचकर्ताओं का शक बढ़ गया है कि यह “हाई-इंटेंसिटी प्रेशर ब्लास्ट” था, जो केवल विस्फोटक रसायनों से तैयार किया गया होगा.
एफएसएल (Forensic Science Laboratory) टीम ने मौके से करीब 40 सैंपल जुटाए हैं, जिनमें दो कारतूस, कुछ जिंदा गोलियां और दो तरह के विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले हैं.
प्रारंभिक रिपोर्ट में अमोनियम नाइट्रेट को प्रमुख विस्फोटक तत्व बताया गया है.
आतंकी नेटवर्क से जुड़ रहे तार, डॉक्टर भी शामिल
धमाका उस दिन हुआ जब सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ घंटे पहले ही जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था. इस मामले में तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 2,500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर जैसे रसायन जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों से जुटाए थे.
फरीदाबाद से बरामद एक घर इन विस्फोटकों का मुख्य अड्डा था, जो मौलवी इश्तियाक नामक व्यक्ति से जुड़ा है. उसे श्रीनगर से हिरासत में लिया गया है और वह इस केस में नौवां आरोपी माना जा रहा है.
रेड फोर्ट एरिया में कई बार घूमे आरोपी डॉक्टर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी डॉ. मुझम्मिल गनाई और डॉ. उमर नबी ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किला इलाके में कई बार रेकी की थी. दोनों ने कार में बैठकर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ के पैटर्न का अध्ययन किया था.
उनकी लोकेशन डाटा और सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई है कि वे धमाके से कुछ दिन पहले तक इलाके में सक्रिय थे. डॉ. उमर नबी, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था, को धमाके वाली कार का ड्राइवर माना जा रहा है.
राजधानी किले में तब्दील, हर एंट्री पॉइंट पर चेकिंग तेज
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. घाजियापुर, सिंघु, टिकरी और बदरपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है. सीनियर अफसर खुद चेकिंग की निगरानी कर रहे हैं, जबकि मेट्रो स्टेशनों, मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है.
सभी जिलों की पुलिस यूनिट को अलर्ट मोड पर रखा गया है और PCR वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 12, 2025 04:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

