Gold ETF: हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में गोल्ड (Gold) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) (ETF) में निवेश में उल्लेखनीय 98% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बीच सोने के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है. यह उछाल ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के निवेशक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के दबावों के बीच सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं. यह प्रवृत्ति न केवल भारतीय बाजार तक सीमित है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने में निवेश में वृद्धि देखी जा रही है, जो इसे मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण संपत्ति वर्ग बनाती है.
भारत में गोल्ड ईटीएफ की बढ़ती लोकप्रियता
भारत में गोल्ड ईटीएफ में यह प्रभावशाली वृद्धि कई कारकों का परिणाम है. विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में अस्थिरता, बढ़ती मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सोने की ओर धकेला है, जिसे पारंपरिक रूप से संकट के समय में एक सुरक्षित आश्रय माना जाता है. गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को भौतिक सोना खरीदने और रखने की परेशानी के बिना सोने में निवेश करने का एक सुविधाजनक और लागत प्रभावी तरीका प्रदान करते हैं, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों के लिए यह सुलभ हो जाता है. इसके अतिरिक्त, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ जैसे आधुनिक निवेश विकल्पों ने भारतीय निवेशकों के लिए सोने में निवेश करना और भी आसान बना दिया है, जो पारंपरिक रूप से सोने के प्रति गहरा सांस्कृतिक लगाव रखते हैं.
वैश्विक स्तर पर सोने में निवेश के रुझान
भारत में गोल्ड ईटीएफ में उछाल वैश्विक रुझानों के अनुरूप है, जहां केंद्रीय बैंक और संस्थागत निवेशक भी सोने के भंडार में वृद्धि कर रहे हैं. वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उच्च ब्याज दरें और डॉलर की मजबूती में संभावित गिरावट की उम्मीदें सोने को एक आकर्षक निवेश बना रही हैं. कई देशों में बढ़ती महंगाई ने भी निवेशकों को अपनी क्रय शक्ति को बनाए रखने के लिए सोने में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है, क्योंकि सोना ऐतिहासिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ एक प्रभावी बचाव रहा है.
भारत में गोल्ड ईटीएफ में 98% की वृद्धि और वैश्विक स्तर पर सोने में बढ़ते निवेश से पता चलता है कि निवेशक मौजूदा आर्थिक माहौल में सुरक्षा और स्थिरता की तलाश में हैं. सोने को एक विश्वसनीय संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है जो बाजार की अस्थिरता और मुद्रास्फीति के दबावों से बचाव प्रदान कर सकता है. जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं से जूझ रही है, सोने में निवेश का यह रुझान निकट भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है, जिससे यह निवेशकों के पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा.













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