Global Stock Market Today: ट्रंप के ‘टैरिफ बम’ से एशियाई बाजारों में कोहराम! जापान, चीन, कोरिया की हालत खराब, सेंसेक्स और निफ्टी पर भी संकट?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26% टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिससे एशियाई बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखी गई. भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी पर ट्रंप टैरिफ का असर दिख सकता है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है.

Trump Tariff Impact On Sensex and Nifty: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दुनियाभर के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया है. इस फैसले के बाद एशियाई बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है. ट्रंप ने इस दिन को "लिब्रेशन डे" करार दिया है और ऐलान किया है कि अब अमेरिका हर देश से बराबर टैरिफ वसूलेगा.

भारत पर इसका सबसे बड़ा असर पड़ा है, क्योंकि ट्रंप ने भारत से आयात किए जाने वाले सामान पर 26% टैरिफ लगा दिया है. इसका सीधा असर भारतीय आईटी, ऑटो और फार्मा सेक्टर पर पड़ने वाला है.

एशियाई बाजारों में कोहराम! जापान, चीन, कोरिया की हालत खराब

ट्रंप के इस फैसले के बाद एशियाई बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है.

इस भारी गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है.

भारतीय शेयर बाजार पर असर: सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट की आशंका

बुधवार को भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, लेकिन ट्रंप के ऐलान के बाद हालात पूरी तरह बदल सकते हैं.

बीते कारोबारी दिन

आज क्या हो सकता है?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को शॉर्ट टर्म में सतर्क रहने की जरूरत है.

ऑटो सेक्टर में भूचाल! बड़ी कंपनियों के शेयर लुढ़के

अमेरिकी टैरिफ का सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल कंपनियों पर दिख रहा है.

भारतीय ऑटो कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

भारत की मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां भी प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि इनका निर्यात अमेरिका और यूरोप में होता है.

फार्मा और आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार!

बाजार विशेषज्ञ अंकुर शर्मा का कहना है कि ट्रंप टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारतीय फार्मा और आईटी सेक्टर पर पड़ेगा.

 फार्मा सेक्टर

आईटी सेक्टर

आगे क्या होगा? निवेशकों को क्या करना चाहिए?

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खटास बढ़ेगी?

भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनी हुई है. ट्रंप के इस फैसले से दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव और बढ़ सकता है.

 

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